आजकल कहाने वाली पाश्चात्य जातियों के पूर्वज जिस समय अंधकार से हाथ से रास्ता टटोल रहे थे और अपने अंग को वस्त्र से ढाँपना तक न जानते थे उस समय आर्यावर्त में ‘ब्रह्मचर्य’ विषयक ज्ञान अपनी चरम सीमा तक पहुँच चुका था। मानवीय विकास के लिए ब्रह्मचर्य अत्यावश्यक समझा जाता था, विचार तथा क्रिया में विवाह को एक…
संसार मे प्रत्येक व्यक्ति आरोग्य और दीर्घ जीवन की इच्छा रखता है। चाहे किसी के पास कितना ही सांसारिक वैभव और सुख समग्रियाँ क्यो न हों पर यदि वह स्वस्थ नहीं है, तो उसके लिए वे सब साधन सामाग्री व्यर्थ ही है।...
पुस्तक पढ़ें
हम लोग इस विद्या को भूल गये हैं | इसलिये इसकी ओर ध्यान दिलाने के सब प्रत्यत्नों का दोनों नितान्त आवश्यक है | पं० जगन्नारायण, देवशर्मा जी की इस पुस्तक का इसीलिये हम स्वागत करते हैं
साधुमय सम्मेलन की पूर्व भूमिका के रूप मे सम्प्रदाय गत वैमनस्य और विरोध के उपशमन हेतु, बम्बई स्थित स्थानक वासी जैन महासभा के आग्रह से तथा विशेषत व्यावरसंघ की अत्यंत भाव भरी प्रार्थना से श्रद्धेय पंडित मुनि श्री अमारचंद जी महाराज आगरा से देहली होते हुए उग्र विहार करके व्यावर पधारे, चातुर्मास के लिए…
Learn More
ब्रह्मचर्य शब्द के इन अर्थों पर दृष्टिपात करने से हम, इस निर्णय पर पहुँचते है की जिस आचरण द्वारा आत्मचिंतन हो आत्मा अपने आप को पहचान सके और अपने लिए वास्तविक सुख को प्राप्त कर सके, उस आचरण का नाम ब्रह्मचर्य है...
ब्रह्मचर्य जीवन को हमारे इस जमाने के नवयुवक कठिन बताते हैं। पर इसकी महिमा का बखान वही कर सकता है, जिसने स्वय इसका अनुभव किया हो। महात्मा गांधी आज ४० वर्षों से ब्रह्मचर्य का घृत लिए हुए है
पुस्तक पढ़ें
कई इष्ट मित्रो ने मुक्ति सम्मति दी है की अधिक मूल्य का अड्ग्रेज़ी ग्रंथ तो लोग मोल ले लेते है परतु हिन्दी का नहीं लेते। उनका यह कहना ठीक होगा किन्तु मैं ऐसा नहीं समझता
पुस्तक पढ़ें
कुरुक्षेत्र के मैदान मे जिस देश ने यूरोप, अमेरिका और एशिया तथा उत्तर ध्रुव तक की जातियों को अपनी आज्ञा के अधीन ला खड़ा किया था, उस देश के 30 करोड़ मनुष्य 2 लाख आदमियों के गुलाम बने रहना क्यो अमन समझते हैं?
5 out of 5
“ब्रह्मचर्य ही जीवन है - स्वामी शिवानन्द”
आप को मालूम था कि हम एक ग्रंथमाला के सम्पादक भी हैं; अतएब आपने हमारे ऊपर बड़ी कृपा करके ब्रह्मचर्य ! विषय पर एक उत्तम ग्रन्थ लिख कर देने का वचन दिया और यह वचन शीघ्र पूरा भी किया गया
सभी ब्रह्मचर्य पुस्तकें पढ़ें