भारत में विज्ञापन : आलोक सिंह द्वारा हिन्दी पीडीऍफ़ बुक – सामाजिक | Bharat Mein Vigyapan : by Alok Singh Hindi PDF Book -Social (Samajik)

भारत में विज्ञापन : आलोक सिंह द्वारा हिन्दी पीडीऍफ़ बुक - सामाजिक | Bharat Mein Vigyapan : by Alok Singh Hindi PDF Book -Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name भारत में विज्ञापन / Bharat Mein Vigyapan
Author
Category
Language
Pages 321
Quality Good
Size 27.4 MB
Download Status Available

भारत में विज्ञापन पुस्तक का कुछ अंश : विज्ञापन एक अभिज्ञात विज्ञापनकर्ता दवारा अव्यक्तिगत रूप से विचारों, या सेवाओं को प्रस्तुत करने एवं सम्बर्दन करने का ऐसा प्रारूप है जो विज्ञापन द्वारा भुगतान किया जाता है | इसके अनुसार विज्ञापन एक अवैयक्तिक संचार मात्र है, इसमें विचारों व्‌ वस्तुआँ-सेवाओं का इस प्रकार………..

Bharat Mein Vigyapan PDF Pustak in Hindi Ka Kuch Ansh : Vigyapan Ek Abhigyat vigyapanakarta dvara avyaktigat roop se vicharon, ya sevaon ko prastut karane evan sambarddhan karane ka aisa praroop hai jo vigyapan dvara bhugatan kiya jata hai. Isake Anusar vigyapan Ek avaiyaktik sanchar Matra hai, isamen vicharon v vastuon-sevaon ka is prakar………….
Short Passage of Bharat Mein Vigyapan Hindi PDF Book : Advertising is a form of advertising that is paid by advertising by an identified advertiser in an indirect form, or presentation and related services. Accordingly, advertising is an impersonal communication, in this type of ideas and goods-services…………..
“बुद्धि का अर्जन हम तीन तरीकों से कर सकते हैं: प्रथम, चिंतन से, जो कि उत्तम है; द्वितीय, दूसरों से सीखकर, जो सबसे आसान है; और तृतीय, अनुभव से, जो सबसे कठिन है।” ‐ कन्फ़्यूशियस
“By three methods we may learn wisdom: First, by reflection, which is noblest; Second, by imitation, which is easiest; and third by experience, which is the bitterest.” ‐ Confucious

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment