भारतीय संस्कृति और उसकी समस्यायें : डॉ. पी. टी. राजू द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक – इतिहास | Bharatiya Sanskriti Aur Uski Samasyayein : by Dr. P. T. Raju Hindi PDF Book – History ( Itihas )

भारतीय संस्कृति और उसकी समस्यायें : डॉ. पी. टी. राजू द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक – इतिहास | Bharatiya Sanskriti Aur Uski Samasyayein : by Dr. P. T. Raju Hindi PDF Book – History ( Itihas )
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name भारतीय संस्कृति और उसकी समस्यायें / Bharatiya Sanskriti Aur Uski Samasyayein
Author
Category,
Pages 144
Quality Good
Size 46.4 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : भारत पूर्व और पश्चिम के संघर्ष का केन्द्र स्थल बन गया है। इस कथन में किसी प्रकार की असंगति नहीं होगी यदि हम ध्यान रखें कि इन दोनों शब्दों का प्रयोग पौर्वात्य और पाश्चात्य संस्कृति के अर्थ में हो । परम्परा से हम यूरोपीय संस्कृति को पश्चिमीय संस्कृति के नाम से अभिहित करते आये………

Pustak Ka Vivaran : Bharat poorv aur pashchim ke sangharsh ka kendr sthal ban gaya hai. Is kathan mein kisi prakar ki asangati nahin hogi yadi ham dhyan rakhen ki in donon shabdon ka prayog paurvaty aur pashchaty sanskrti ke arth mein ho. Parampara se ham yooropiy sanskrti ko pashchimiy sanskrti ke nam se abhihit karate aye hain.…………

Description about eBook : India has become a center of struggle for East and West. There will be no discrepancy in this statement if we keep in mind that both these words are used in the meaning of eastern and western culture. From tradition we have come to bear the European culture in the name of Western culture…………..

“रोष एक बोझ है जो आपकी सफलता के साथ असंगत है। क्षमा करने में अव्वल रहें; और अपने आपको सबसे पहले क्षमा करें।” ‐ डेन जाड्रा
“Resentment is one burden that is incompatible with your success. Always be the first to forgive; and forgive yourself first always.” ‐ Dan Zadra

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