भौतिकी भाग 2 (भौतिक विज्ञान) – कक्षा 11 एन. सी. ई. आर. टी. पुस्तक | Bhautik Vigyan Part 2 (Physics) – Class 11th N.C.E.R.T Books

Book Nameएन. सी. ई. आर. टी. कक्षा 11 भौतिकी भाग 2 (भौतिक विज्ञान) / N.C.E.R.T Class 11th Bhautik Vigyan Part 2 (Physics)
Author
Category, , , ,
Language
Pages 60
Quality Good
Size 5 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : किसी ठोस की एक निश्चित आकृति तथा आकर होता है। किसी पिण्ड की आकृति अथवा आकर को बदलने के लिए एक बल की आवश्यकता होती है। यदि किसी कुंडलित स्थ्रिंग के सिरो को धीरे से खींचकर विस्तारित किया जाए तो स्थ्रिंग की लंबाई थोड़ी बढ़ जाती है। अब यदि स्थ्रिंग के सिरो को छोड़ दे तो वह अपनी प्रारम्भिक आकृति एवं आकार को पुनः प्राप्त कर लेते है……

Pustak Ka Vivaran : kisi thos kee ek nishchit aakrti tatha aakar hota hai. kisi pind kee aakrti athava aakar ko badalane ke lie ek bal ki aavashyakata hoti hai. yadi kisee kundalit spring ke siro ko dheere se kheenchakar vistaarit kiya jae to spring kee lambaee thodee badh jaati hai. ab yadi spring ke siro ko chhod de to vah apanee praarambhik aakrti evan aakaar ko punah praapt kar lete hai………….

Description about eBook : A certain shape of a concrete comes and falls. A force is needed to change the shape or shape of a body. If the stretch of a spiral spring is slowly stretched and stretched, then the length of the spring increases slightly. Now if you leave the spring spray, it will get back to its initial shape and size…………….

“निराशावादी व्यक्ति केवल बादलों के अंधकारमय हिस्से को देखता है, और उदास होता है; दार्शनिक व्यक्ति दोनों हिस्सों को देखता है, तथा अरुचि दिखाता है; जबकि आशावादी बादलों को बिलकुल ही नहीं देखता- वह तो उनसे भी ऊंची उड़ान भरता है।” – लियोनार्ड लुइस लेविनसन
“A pessimist sees only the dark side of the clouds, and mopes; a philosopher sees both sides, and shrugs; an optimist doesn’t see the clouds at all – he’s walking on them.” – Leonard Louis Levinson

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