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आदि ऊर्जा प्राण / Aadi Urja Pran

आदि ऊर्जा प्राण : अमृता भारती द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - योग | Aadi Urja Pran : by Amita Bharati Hindi PDF Book - Yoga
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name आदि ऊर्जा प्राण / Aadi Urja Pran
Author
Category, ,
Pages 207
Quality Good
Size 20 MB
Download Status Available

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

आदि ऊर्जा प्राण का संछिप्त विवरण : जब हम प्राण को परिभाषित करने का प्रयत्न करते हैं, तब वह एक ऐसी निकटता है, जो हमारे ‘होने’ के साथ जुड़ी हुई है, क्योंकि हर अर्थ में वह श्वास- प्रश्नास है। सृष्टि के हृदय की केन्द्रीय धड़कन, जीवन को ध्वनि। उसकी प्रकृति ही है नित्य, निरन्तर स्पन्दनशीलता और यह सृजनात्मक है। जगत्‌ का उन्मेष एवं निमेष प्राण के ही अंदर है। प्राण ही विश्व का आधार एवं प्रतिष्ठा है……..

Aadi Urja Pran PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Jab Ham Pran Ko Paribhashit Karane ka Prayatn karate hain, Tab vah ek Aisee Nikatata hai, jo hamare hone ke sath Judi huyyi hai, Kyonki har arth mein vah shvas- prashchas hai. Srshti ke Hrday kee kendreey dhadakan, jeevan ko dhvani. Usaki prakrti hee hai nity, Nirantar Spandanasheelata aur yah Srjanatmak hai. Jagat‌ ka Unmesh evan Nimesh pran ke hee andar hai. Pran hee Vishv ka Aadhar evan Pratishtha hai :………
Short Description of Aadi Urja Pran PDF Book : When we try to define life, it is such a closeness that is associated with our ‘being’, because in every sense it is breathing. The central heart of the heart of creation, the sound of life. Its nature is constant, constant vibrancy and it is creative. Unmesh and nimesh of the world are within the life itself. Life is the basis and reputation of the world: ……
“गुणवत्ता की कसौटी बनें। कई लोग ऐसे वातावरण के अभ्यस्त नहीं होते जहां उत्कृष्टता अपेक्षित होती है।” स्टीव जॉब्स
“Be a yardstick of quality. Some people aren’t used to an environment where excellence is expected.” Steve Jobs

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