गिनीज बुक सारु (राजस्थानी) : डॉ. मदन केवलिया द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ पुस्तक | Guinness Book Saru (Rajasthani) : by Dr. Madan Kevaliya Free Hindi PDF Book

Author
Category, ,
Language
पुस्तक का डाउनलोड लिंक नीचे हरी पट्टी पर दिया गया है|
“हमें यह शिक्षा दी जानी चाहिए कि हमें किसी कार्य को करने के लिए प्रेरणा की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। कर्म करने से हमेशा प्रेरणा का जन्म होता है। प्रेरणा से शायद ही कर्म की उत्पत्ति होती हो।” ‐ फ्रेंक टिबोल्ट
“We should be taught not to wait for inspiration to start a thing. Action always generates inspiration. Inspiration seldom generates action.” ‐ Frank Tibolt

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

गिनीज बुक सारु (राजस्थानी) : डॉ. मदन केवलिया द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ पुस्तक | Guinness Book Saru (Rajasthani) : by Dr. Madan Kevaliya Free Hindi PDF Book

guinness-book-saru-dr-madan-kevaliya-गिनीज-बुक-सारु-डॉ-मदन-केवलिया

पुस्तक का नाम / Name of Book : गिनीज बुक सारु / Guinness Book Saru

पुस्तक के लेखक / Author of Book : डॉ. मदन केवलिया / Dr. Madan Kevaliya

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 2 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 104

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

(Report this in comment if you are facing any issue in downloading / कृपया कमेंट के माध्यम से हमें पुस्तक के डाउनलोड ना होने की स्थिति से अवगत कराते रहें )

अन्य योग पुस्तकों के लिए यहाँ दबाइए-  “हिंदी योग पुस्तक”
To read other Yoga books click here- “Hindi Yoga Books”


सभी हिंदी पुस्तकें ( Free Hindi Books ) यहाँ देखें



इस पुस्तक को दुसरो तक पहुचाएं 

श्रेणियो अनुसार हिंदी पुस्तके यहाँ देखें 

One Quotation / एक उद्धरण
“अपनों में दूसरों की रुचि जगाने का प्रयास कर आप जितने मित्र दस वर्षों में बना सकतें हैं, उससे कहीं अधिक मित्र आप दूसरों में अपनी रुचि दिखा कर एक माह में बना सकते हैं।”
– चार्ल्स ऐलन


——————————–
“You can make more friends in a month by being interested in them than in ten years by trying to get them interested in you.” 
– Charles Allen

Leave a Comment