ए मेरे प्यारे वतन : अशोक कुमार द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – कहानी | E Mere Pyare Watan : by Ashok Kumar Hindi PDF Book – Story (Kahani)

Book Nameए मेरे प्यारे वतन / E Mere Pyare Watan
Author
Category, , , ,
Language
Pages 8
Quality Good
Size 603 KB

पुस्तक का विवरण : बम्बई में ये अंडे वाले सिर्फ अंडे वाले नहीं होते. ये पान वालों की तरह आदत होते हैं. यानी अगर रोज़ वाला न आए तो लोग कहते हैं ‘ अपना अंडे वाला आएगा तो ले लेंगे’. इदरीस अपने ख़ुलूस की वजह से कडयों का ‘अपना अंडे वाला’ था. हमारे यहाँ भी इदरीस ही अंडे दे जाता था. रोज़ाना पिछले तीन सालों से. जाड़ा, गर्मी,बरसात- मौसम कोई भी हो………

ए मेरे प्यारे वतन : अशोक कुमार द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कहानी | E Mere Pyare Watan : by Ashok Kumar Hindi PDF Book - Story (Kahani)

Pustak Ka Vivaran : Bombay mein ye ande vale sirph ande vale nahin hote. Ye pan valon ki tarah Aadat hote hain. Yani agar Roz vala na aaye to log kahate hain apna ande vala aayega to le lenge. Idrees apane khuloos ki vajah se kadayon ka apana ande vala tha. Hamare yahan bhi idrees hi ande de jata tha. Rozana pichhale teen salon se. Jada, Garmi ,Barsat- Mausam koi bhi ho………

Description about eBook : In Bombay, these eggs are not just eggs. They are habit like paan ones. That is, if the person does not come every day, then people say, ‘If the person with his egg will come, he will take it’. Idris was the ‘own egg wala’ of the episodes because of his revelations. Here too Idris used to lay eggs. Every day for the last three years. Winter, summer, rain – whatever the weather is………

“किसी काम को करने के बारे में बहुत देर तक सोचते रहना अक़सर उसके बिगड़ जाने का कारण बनता है।” ईवा यंग
“To think too long about doing a thing often becomes its undoing.” Eva Young

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