जगतानन्द : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Jagatanand : Hindi PDF Book – Literature (Sahitya)

जगतानन्द : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - साहित्य | Jagatanand : Hindi PDF Book - Literature (Sahitya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name जगतानन्द / Jagatanand
Author
Category, ,
Language
Pages 176
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

जगतानन्द का संछिप्त विवरण : उनके अनुयायियों में भी इन सवा तीन सौ वर्षों में अनेक योग्य त्यागी महात्मा हो गये हैं उनमें से अनेकों ने अपने अनुभव तथा विचारों को अपने अपने समय की भाषा में ‘हन्दोत्रद्ध/ कर पुस्तक रूप में संकलन किया है । उनकी रची हुई अनेकों पुस्तकें अभी तक अप्रकाशित हैं । उनके विचार त्यागसय थे उनके शब्द २ में उनकी साधना की……..

Jagatanand PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Is Prakar hamara sahity, hamare Aaradhy dev aur hamare sampraday teenon ek roop ho jate hain, aur is sammishrit roop ko abhivyakti un sahityakaron ke dvara hoti hai jo usake aadhar stambh aur prakash deep samajhe jate hain . Is prakar shuddhadvait sampraday ne hindi ke liye bahut kuchh kary kiya hai, yah kahate hame koi sankoch nahin hota……..
Short Description of Jagatanand PDF Book : In this way our literature, our deity and our sect all become one, and this composite form is expressed by the litterateurs who are considered to be its base pillar and light lamp. In this way, the Shuddhadvaita community has done a lot of work for Hindi, saying that we do not hesitate…….
“किसी व्यक्ति के दिल-दिमाग को समझने के लिए इस बात को न देखें कि उसने अभी तक क्या प्राप्त किया है, अपितु इस बात को देखें कि वह क्या अभिलाषा रखता है।” ‐ कैहलिल जिब्रान
“To understand the heart and mind of a person, look not at what he has already achieved, but at what he aspires to.” ‐ Kahlil Gibran

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment