हिंदी साहित्य की अंतर्कथाएं : भोलानाथ तिवारी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Hindi Sahitya Ki Antarkathayen : by Bholanath Tiwari Hindi PDF Book – Literature (Sahitya)

हिंदी साहित्य की अंतर्कथाएं : भोलानाथ तिवारी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - साहित्य | Hindi Sahitya Ki Antarkathayen : by Bholanath Tiwari Hindi PDF Book - Literature (Sahitya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name हिंदी साहित्य की अंतर्कथाएं / Hindi Sahitya Ki Antarkathayen
Author
Category, ,
Language
Pages 192
Quality Good
Size 6.6 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : अन्य साहित्य की भांति हिंदी में भी अंतर्कथाओं का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है | विशेषत प्राचीन साहित्य की अंतर्कथाओं से भरा पड़ा है | उसके अध्ययन में स्थल-स्थल पर अंतर्कथाओं की जानकारी के बिना यदि असंभव कहा जाए तो अत्युक्ति न होगी | इस प्रकार अंतर्कथाओं का साहित्य के विद्यार्थिओं के लिए कितना अधिक महत्त्व है………..

Pustak Ka Vivaran : Any sahity ki bhanti hindi mein bhi antarkathaon ka prayog prachur matra mein milta hai. Visheshat prachin sahity ki antarkathaon se bhara pada hai. Uske adhyayan mein sthal-sthal par antarkathaon kee jankari ke bina yadi asambhav kaha jae to atyukti na hogi. Is prakar antarkathaon ka sahity ke vidyarthion ke lie kitna adhik mahattv hai…………

Description about eBook : In other languages like Hindi, intersections are used in abundance. Especially is filled with the intricacies of ancient literature. In its study, without the knowledge of intersections at the place of place, it would not be superlative if it is considered impossible. How much importance is there for artists of literature in this manner…………..

“यदि आप किसी चीज का सपना देख सकते हैं, तो आप उसे प्राप्त कर सकते हैं।” ‐ वाल्ट डिज़नी
“If you can dream it, you can do it.” ‐ Walt Disney

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