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टीलों की चमक / Teelon Ki Chamak

टीलों की चमक : श्री जयनाथ 'नलिन' द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कहानी | Teelon Ki Chamak : by Shri Jaynath 'Nalin' Hindi PDF Book - Story (Kahani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name टीलों की चमक / Teelon Ki Chamak
Author
Category, , , ,
Language
Pages 156
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

टीलों की चमक पीडीऍफ़ पुस्तक का संछिप्त विवरण : अहोभाग्य आपके दर्शन पाये ! धन्य-थन्य, हे श्री लक्ष्मीवाहन जी, अति- मन-भावन जी,
सुजन-सुहावन जी, श्री महाउलूक जी ! आप तो महग्रेष्ठ, पर मैं तो रहा हाथ, चिमगादड़ ही ! कहकर सहजूजी
आनन्द-रोमांच से फूल उठे | सोचा, अब तो खा गया मुँड की बेटा, यह चित्रकूटिया सघुक्कड़ा ! चिमगादड़ से
अधिक नीचातिनीच और तच्छातितुच्छ, और क्या…

Teelon Ki Chamak PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Ahobhagy Apake darshan paye ! Dhany-dhany, he Shri Lakshmivahan Ji, ati- man-bhavan ji, Sujan-suhavan ji, Shri Mahaulook ji ! Aap to Mahashreshth, par main to raha hath, Chimagadad hi ! Kahkar sahajooji Anand-Romanch se phool uthe. Socha, ab to kha gaya muni ki beta, yah chitrakootiya saghukkada ! Chimagadad se adhik Neechatineech aur tachchhatituchchh, aur kya…….

Short Description of Teelon Ki Chamak Hindi PDF Book : Good luck seeing you! Blessed-Blessed, O Shri Lakshmivahana Ji, Ati-Mana-Bhavan ji, Sujan-Suhavan ji, Shri Mahauluk ji! You are the best, but I am the hand, only Chimgadad !! Saying this, Sahaju ji rose with joy and thrill. Thought, now I have eaten my son, this Chitrakoota Saghukkada! More inferior and frivolous than Chimgadad, what else …….

 

“ऐसा नहीं है कि कार्य कठिन हैं इसलिए हमें हिम्मत नहीं करनी चाहिए, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम हिम्मत नहीं करते हैं इसलिए कार्य कठिन हो जाते हैं।” ‐ सेनेका
“It is not because things are difficult that we do not dare; it is because we do not dare that things are difficult.” ‐ Seneca

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