ज्ञानमाला | Gyanmala
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ज्ञानमाला पुस्तक का कुछ अंश : एक दिन राजा परीक्षित सिंहासन पर बैठे थे तिसी समय श्री कृष्णद्वैपायन श्री व्यासदेव जी के पुत्र श्री सुखदेव जी आए राजा देखते ही सिंहासन से उठ खड़ा हुआ और ऋषि के चरणों में गिर के साष्टांग दंडवत किनी। फिर बड़े आदर और सत्कार सहित उनको सुंदर स्थान में ले जाकर रत्न गणित सिंहासन पर बैठाया दो चरण कमलों को धो के चरणोंदक लिया और विधिपूर्वक पूजन करके नाना प्रकार की सामग्री भोजन करवाई…….
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | ज्ञानमाला | Gyanmala |
| Author | Unknown |
| Category | Religious Books in Hindi PDF हिन्दू / Hinduism Hindi Books Kahani Kahaniyan Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 80 |
| Quality | Good |
| Size | 22.8 MB |
| Download Status | Available |
“हर मित्रता के पीछे कुछ स्वार्थ होता है। बिना स्वार्थ के कोई मित्रता नहीं होती। यह एक दुःखद सत्य है।” ‐ चाणक्य
“There is some self-interest behind every friendship. There is no friendship without self- interests. This is a bitter truth.” ‐ Chanakya
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