आनंद की लहरें : हनुमान प्रसाद पोद्दार द्वारा मुफ्त हिंदी धार्मिक पीडीएफ पुस्तक | Anand Ki Lehrein : by Hanuman Prasad Poddar Free Hindi Religious PDF Book

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“प्रत्येक कृति में सुंदरता होती है, लेकिन हर कोई इसे देख नहीं सकता।” ‐ कन्फूशियस
“Everything has beauty, but not everyone sees it.” ‐ Confucius

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आनंद की लहरें : हनुमान प्रसाद पोद्दार द्वारा मुफ्त हिंदी धार्मिक पीडीएफ पुस्तक | Anand Ki Lehrein : by Hanuman Prasad Poddar Free Hindi Religious PDF Book 

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पुस्तक का नाम / Name of Book : आनंद की लहरें / Anand Ki Lehrein

पुस्तक के लेखक / Author of Book : हनुमान प्रसाद पोद्दार / Hanuman Prasad Poddar

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 28.2 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 34

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण / Description about eBook : ‘पुत्र, स्त्री  और धन से सच्ची तृप्ति नहीं हो सकती | यदि होती तो अबतक किसी-न-किसी योनी में हो ही जाती | सच्ची तृप्ति का विषय है केवल एक परमात्मा, जिसके ,इल जाने पर जीव सदा के लिए तृप्त हो जाता है |’

‘दुःख मनुष्यत्व के विकास का साधन है | सच्चे मनुष्य का जीवन दुःख में ही खिल उठता है | सोने का रंग तपानेपर ही चमकता है |’ …………..

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One Quotation / एक उद्धरण
कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयं से तीन प्रश्न पूछिए – मैं यह क्यों कर रहा हूं, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल हो पाऊंगा। जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तब आगे बढ़ें।
– चाणक्य


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Before you start some work, always ask yourself three questions – Why am I doing it, What the results might be and Will I be successful. Only when you think deeply and find satisfactory answers to these questions, go ahead. 
– Chanakya

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