अणु में विभु गागर में सागर : श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Anu Mein Vibhu Gagar Mein Sagar : by Shri Ram Sharma Acharya Hindi PDF Book – Social (Samajik)

Book Nameअणु में विभु गागर में सागर / Anu Mein Vibhu Gagar Mein Sagar
Author
Category, , ,
Language
Pages 113
Quality Good
Size 4.6 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : यदि कोशिका को काटकर नाभिक से अलग कर दिया जाए तो कोशिका की मृत्यु हो जायेगी, पर नाभिक में स्वत: निर्माण की क्षमता होती है, हमारा आध्यात्मिक दर्शन यह कहता है कि उस नाभिक में इच्छा, आशा, संकल्प और वासना का अंश रहता है, उसी के अनुरूप वह दूसरा जन्म ग्रहण करता है। कोशिकाओं में पाये जाने वाले क्रोमोसोम्स के क्रियाकलाप के विषय में अभी……..

Pustak Ka Vivaran : Yadi Koshika ko katkar nabhik se alag kar diya jaye to koshika ki mrtyu ho jayegi, par nabhik mein svat: Nirman ki kshamata hoti hai, hamara aadhyatmik darshan yah kahata hai ki us nabhik mein ichchha, Aasha, sankalp aur vasana ka ansh rahata hai, usi ke anuroop vah doosara janm grahan karata hai. Koshikayon mein paye jane vale Chromosomes ke kriyakalap ke vishay mein abhi………

Description about eBook : If the cell is cut off and separated from the nucleus, the cell will die, but the nucleus has the ability to self-build, our spiritual philosophy says that the nucleus contains a part of desire, hope, determination and lust, Accordingly, he takes a second birth. Regarding the activity of chromosomes found in cells, now ………

“केवल वही व्यक्ति जिनके पास सरल कार्य को उत्कृष्टता के साथ करने का धैर्य है, वही व्यक्ति कठिन कार्यों को सरलता से करने का कौशल सीखते हैं।” ‐ जोहान्न फ्रेडरिच वॉन शिल्लर
“Only those who have the patience to do simple things perfectly will acquire the skill to do difficult thing easily.” ‐ Johann Freidrich von Schiller

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