Trading in the Zone PDF Book – ट्रेडिंग इन द जोन हिंदी बुक | Free Download

Trading in the Zone PDF Book - ट्रेडिंग इन द जोन हिंदी बुक | Free Download
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है


Trading In The Zone Hindi Audiobook
का संक्षिप्त विवरण : वित्तीय बाजार में व्यापार करने का एक बड़ा संभावित जोखिम है, आपको जोखिमों से अवगत होना चाहिए और स्टॉक, भविष्य, मुद्रा या वस्तुओं में निवेश या व्यापार करने के लिए उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए, उस पैसे से व्यापार न करें जिसे आप बर्दाश्त नहीं कर सकते खोने के लिए। हम इस बात की गारंटी या प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं कि इस सामग्री में उल्लिखित किसी भी सुझाव पर कार्य करने वाले सदस्यों को गारंटीकृत लाभ मिलेगा। इस सामग्री के आधार पर निवेश करने या व्यापार करने से पहले, हम आपको इस संबंध में पेशेवर सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं कि वित्तीय बाजार में व्यापार करना आपके लिए उपयुक्त है या नहीं। ट्रेडिंग जिंदा जो विश्वास, अनुशासन और जीत के नजरिए के साथ मार्केट मास्टर करें । लेखक मार्क डोगल हिंदी रोड ऍम अध्याय सफलता की राह फंडामेंटल् तकनीकी और मानसिक विश्लेषण फंडामेंटल् विश्लेषण से शुरुआत आप को तो याद ही नहीं होगा कि एक समय ऐसा था जब फॅस को ही ट्रेडिंग डिसीजन का रियल या प्रोपर तरीका माना जाता था । साल में जब ट्रेडिंग इनका जो उनके लेकर मार्क ने खुद ट्रेडिंग की शुरुआत की तब टेक्निकल एनालिसिस का उपयोग केवल मुट्ठीभर लोग ही किया करते थे और जो ट्रेडर इस तकनीक का उपयोग करते थे, उन्हें तब लगभग पागल ही समझा जाता था । और यह कोई ज्यादा पुरानी बात नहीं है कि जब वह स्टेट ज्यादातर बडे फाॅल्ट सोचते थे कि टेक्निकल ऍम किसी तरह के एक धोखे का ही रूप हैं । लेकिन आज सब इससे उल्टा है । आज के टाइम में लगभग सभी अनुभवी ट्रॅफी इसको किसी ने किसी फॉर्म में अपने ट्रेडिंग स्ट्रेटजी तैयार करने में |

Click the link to explore more Hindi books on the stock market.

पुस्तक का विवरण / Book Details
AudioBook Name ट्रेडिंग इन द जोन / Trading In The Zone Hindi Audio Book
Author
CategoryHindi Audiobooks शेयर बाज़ार / Stock Market Hindi Books
Language
Duration 5:30 hrs
Source Youtube
“जो व्यक्ति दूसरों की भलाई चाहता है, वह अपनी भलाई को सुनिश्चित कर चुका होता है।” ‐ कंफ्यूशियस
“He, who wishes to secure the good of others, has already secured his own.” ‐ Confucius

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment