बत्तखें गीली क्यों नहीं होती : ऑगस्टा द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ पुस्तक | Battkhen Gili Kyun Nhi Hoti : by Augusta Free Hindi PDF Book

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name बत्तखें गीली क्यों नहीं होती / Battkhen Gili Kyun Nhi Hoti
Author
Category,
Language
Pages 32
Quality Good
Size 3.9 MB
Download Status Available

बत्तखें गीली क्यों नहीं होती का संछिप्त विवरण : अपनी चौड़ी चोंच से बत्तख, उन तेल-ग्रंथियों को चाटती है. फिर वो उस तेल को अपने सारे पंखों पर रगड़ती है. चोंच से पंख संवारने को “प्रीनिंग” कहते हैं…….

Battkhen Gili Kyun Nhi Hoti PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Apani chaudi chonch se battakh, un tel-granthiyon ko chatati hai. Phir vo us tel ko apane sare pankhon par Ragadati hai. Chonch se pankh sanvarane ko “Preening” kahate hain…….
Short Description of Battkhen Gili Kyun Nhi Hoti PDF Book : The duck licks those oil glands with its broad beak. Then she rubs that oil all over her wings. Grooming the feathers with the beak is called “preening”…….
“मेरी पीढ़ी की महानतम खोज यह रही है कि मनुष्य अपने दृष्टिकोण में परिवर्तन कर के अपने जीवन को बदल सकता है।” – विलियम जेम्स (१८४२-१९१०), अमरीकी दार्शनिक
“The greatest discovery of my generation is that a human being can alter his life by altering his attitudes.” – William James (1842-1910), American Philosopher

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment