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मछली मछली होती है / Machhali Machhali Hoti Hai

मछली मछली होती है : लिओ लिओनी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - बच्चों की पुस्तक | Machhali Machhali Hoti Hai : by Leo Leoni Hindi PDF Book - Children's Book (Bachchon Ki Pustak)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name मछली मछली होती है / Machhali Machhali Hoti Hai
Author
Category, ,
Language
Pages 31
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

मछली मछली होती है का संछिप्त विवरण :  “और हाँ, वहां लोग भी थे!” मेढक ने बताया. “आदमी, औरतें और बच्चे!” और मेढक तब तक बताता गया, बताता गया, जब तक कि तालाब में अंधेरा नहीं छा गया. लेकिन मछली का दिमाग रंगों, रोशनियों और अजीबोगरीब चीजों से मर गया था. वह सो भी नहीं पा रही थी. काश वह भी अपने दोस्त की तरह बाहर कूद सकती और हैरत से भरी उस दुनिया को देख पाती…

Machhali Machhali Hoti Hai PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : “Aur han, Vahan log bhi the !” Medhak ne bataya. “Aadami, Auraten aur bachche!” Aur Medhak tab tak batata gaya, batata gaya, jab tak ki Talab mein Andhera nahin chha gaya. Lekin Machhali ka dimag Rangon, Roshaniyon aur Ajeebogareeb cheejon se mar gaya tha. Vah so bhi nahin pa rahi thee. Kash vah bhi Apane dost kee tarah bahar kood sakati aur hairat se bhari us duniya ko dekh Pati……..
Short Description of Machhali Machhali Hoti Hai PDF Book : “And yes, there were people too!” Frog said. “Men, women and children!” And the paddock kept telling, telling, until darkness fell in the pond. But the fish’s brain had died of colors, light and strange things. She could not even sleep. I wish she could jump out like her friend and see that world full of wonder …..
“यदि आप अपने जीवन को अपनी मर्जी के अनुसार नहीं चला पाते, तो आपको अपनी परिस्थितियों को अवश्य ही स्वीकार कर लेना चाहिए।” ‐ टी एस एलियट
“If you haven’t the strength to impose your own terms upon life, you must accept the terms it offers you.” ‐ T S Eliot

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