महाभारत कालीन समाज : सुखमय भट्टाचार्य द्वारा फ्री हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Mahabharat kalin Samaj : By Sukhmay Bhattacharya Free Hindi PDF Book

पुस्तक का विवरण / Book Details
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“आप रचनात्मकता को प्रयोग कर समाप्त नहीं कर सकते। जितना आप प्रयोग में लेते हैं, उतनी ही बढ़ती है।” ‐ माया एंजोलो
“You can’t use up creativity. The more you use, the more you have.” ‐ Maya Angelou

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महाभारत कालीन समाज : सुखमय भट्टाचार्य द्वारा फ्री हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Mahabharat kalin Samaj : By Sukhmay Bhattacharya Free Hindi PDF Book

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पुस्तक का नाम / Name of Book : महाभारत कालीन समाज /  Mahabharat kalin Samaj

पुस्तक के लेखक / Author of Book :  सुखमय भट्टाचार्य / Sukhmay Bhattacharya

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 21 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 650

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best

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पुस्तक का विवरण : आध्यात्मिक चिंतन अनिवार्य- जो लोग आध्यात्मिक चिंतन से विमुख होकर केवल लोकोपकारी कार्य में लगे रहते हैं, वे अपनी ही सफलता पर अथवा सद्गुणों पर मोहित हो जाते हैं | वे अपने आपको लोक सेवक के रूप में देखने लगते हैं | इस अवस्था में वे आशा करते हैं की सब लोग उनके कार्यों की प्रशंसा करें, उनका कहना मानें | उनका बढ़ा हुआ अभिमान उन्हें अनेक लोगो का शत्रु बन देता है | इससे उनकी लोकसेवा उन्हें वास्तविक लोक सेवक न बनाकर लोक विनाश का रूप धारण कर लेती है…………..

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Description about eBook : Essentially spiritual contemplation- Those who turn from spiritual contemplation and only engage in humanitarian work, They are deceived by their own success or virtues.At this stage they expect everyone to admire his work, he said, according.The increased number of people as an enemy gives them pride | Public Service by not making them public on their real public servant takes the form of destruction………………

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One Quotation / एक उद्धरण
“जिसके लिये पूरी दुनिया कम पड़ती थी उसके लिये एक समाधि भी अब पर्याप्त है।”
– सिकंदर महान के लिये समाधिलेख


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“A tomb now suffices him for whom the whole world was not sufficient.” 
– Epitaph for Alexander the Great

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