मैं – ही – मैं : स्वामी श्री अखंडानंदजी सरस्वती द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – धार्मिक | Main Hi Main : by Swami Shri Akandanandji Saraswati Hindi PDF Book – Religious ( Dharmik )

मैं - ही - मैं : स्वामी श्री अखंडानंदजी सरस्वती द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – धार्मिक | Main Hi Main : by Swami Shri Akandanandji Saraswati Hindi PDF Book – Religious ( Dharmik )
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name मैं – ही – मैं / Main Hi Main
Category
Pages 54
Quality Good
Size 12.3 MB
Download Status Available
मैं – ही – मैं पुस्तक का कुछ अंशजब दिन ठंडे और गहरे हो रहे थे जब श्रीमती बी ने अपने पति और खुद के लिए एक कम्बल बुनने का फैसला किया | वह अपने लिविंग रूम के दूर कोने में झूलने वाली कुर्सी पर बैठ गई और उन्होंने बुनना शुरू किया | उस रात जब मिस्टर बी सर्दियों की फसल बोने के बाद घर आए, तब तक श्रीमती बी ने कम्बल का एक चौकोन पूरा कर लिया था…….
Main Hi Main PDF Pustak in Hindi Ka Kuch Ansh : Srshti ke poorv keval main-hi-main tha. Mere atirikt na sthool tha na sookshm aur na to dononka karan agyan. Jahan yah srshti nahin hai, vahan main-hi-main hoon aur is srshtike roopamen jo kuchh pratit ho raha hai, vah bhi main hi hoon aur jo kuchh bach rahega, vah bhi main hi hoon.…………
Short Passage of Main Hi Main Hindi PDF Book : Before the creation only I-I-I was. I did not have any extravagant, neither subtle nor negligence due to ignorance. Wherever this creation is not there, I am the only one, and whatever is happening in the form of this creation, I am also and I am the one who will be saved……………
“मेरे साथ जो कुछ अप्रिय हो सकता है, उन सभी से मैं बड़ा हूं। यह सभी बातें, दुःख, दुर्भाग्य, तथा पीड़ाएं, मेरे दरवाजे से बाहर हैं। मैं घर में हूं तथा मेरे पास घर की चाबी है।” ‐ चार्ल्स फ्लैचर ल्यूम्मिस
“I am bigger than anything that can happen to me. All these things, sorrow, misfortune, and suffering, are outside my door. I am in the house and I have the key.” ‐ Charles Fletcher Lummis

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