पृथिवी हमारा आवास (भूगोल) – कक्षा 6 एन. सी. ई. आर. टी. पुस्तक | Prithvi Hamara Avas (Geography) – Class 6th N.C.E.R.T Books

पृथिवी हमारा आवास (भूगोल) – कक्षा 6 एन. सी. ई. आर. टी. पुस्तक | Prithvi Hamara Avas (Geography) – Class 6th N.C.E.R.T Books
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name एन. सी. ई. आर. टी. कक्षा 6 पृथिवी हमारा आवास / N.C.E.R.T Class 6th Prithivi Hamara Avas
Category, , ,
Language
Pages 100
Quality Good
Size 17 MB
Download Status Available

एन. सी. ई. आर. टी. कक्षा 6 पृथिवी हमारा आवास का संछिप्त विवरण : सूर्यास्त के बाद आकाश को देखना कितना अच्छा लगता है | आसमान में पहले एक या दो चमकते बिंदु हे दीखते हैं, लेकिन बाद में इनकी संख्या बढ़ती जाती है | आप उनकी गिनती नहीं कर सकते | संपूर्ण आकाश छोटी छोटी चमकदार वस्तुओं से भर जाता है , जिनमे ससे कुछ चमकीले होते है…..

N.C.E.R.T Class 6th Prithivi Hamara Avas PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Sooryaast ke baad aakaash ko dekhana kitana achchha lagata hai. Aasamaan mein pahale ek ya do chamakate bindu he deekhate hain, lekin baad mein inakee sankhya badhatee jaatee hai.Aap unakee ginatee nahin kar sakate. Sampoorn aakaash chhotee chhotee chamakadaar vastuon se bhar jaata hai , jiname sase kuchh chamakeele hote hai………….
Short Description of N.C.E.R.T Class 6th Prithivi Hamara Avas PDF Book : It is so good to see the sky after sunset. The first one or two glowing points appear in the sky, but later their number increases. You can not count them. The whole sky is filled with small shiny objects, some of which are bright in color……………
“बुद्धि का अर्जन हम तीन तरीकों से कर सकते हैं: प्रथम, चिंतन से, जो कि उत्तम है; द्वितीय, दूसरों से सीखकर, जो सबसे आसान है; और तृतीय, अनुभव से, जो सबसे कठिन है।” कन्फ़्यूशियस
“By three methods we may learn wisdom: First, by reflection, which is noblest; Second, by imitation, which is easiest; and third by experience, which is the bitterest.” Confucious

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