समय और हम : जैनेन्द्र कुमार द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Samay Aur Hum : Jainendra Kumar Hindi PDF Book – Social (Samajik)

समय और हम : जैनेन्द्र कुमार द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Samay Aur Hum : Jainendra Kumar Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name समय और हम / Samay Aur Hum
Author
Category, ,
Language
Pages 691
Quality Good
Size 42.5 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : अगले दिन से प्रश्नों का और उनके उत्तरों का ताँता आरम्भ हुआ, जो द्रौपदी के चीर की तरह खिंचता ही चला गया। कहाँ से प्रश्न आते गए और कैसे उत्तरों का चीर जैनेन्द्र में से अथवा उन ‘पर’ से उतर-उतरकर ढेरका-ढेर जमा होता गया, पता नहीं। जैनेन्द्र कृष्ण तो शायद उनके अन्दर ही बैठे थे और नूतन उदभावनाओं का चीर बढ़ाते जाते थे…..

Pustak Ka Vivaran : Agale din se Prashnon ka aur unake uttaron ka Tanta Aarambh huya, jo draupadi ke cheer kee tarah khinchata hee chala gaya. Kahan se prashn Aate gaye aur kaise uttaron ka cheer jainendra mein se athava un par se utar-utarakar dheraka-dher jama hota gaya, pata nahin. Jainendra krshn to shayad unake andar hee baithe the aur Nootan udabhavanayon ka cheer badhate jate the……..

Description about eBook : From the next day, a series of questions and answers began, which dragged on like Draupadi’s rag. I do not know where the questions came from and how the answers ripped up from Jainendra or from ‘on’. Jainendra Krishna was probably sitting inside him and used to rip off new instincts ……..

“भगवान यह अपेक्षा नहीं करते कि हम सफल हों। वे तो केवल इतना ही चाहते हैं कि हम प्रयास करें।” ‐ मदर टेरेसा
“God doesn’t require that we succeed. He only requires that you try.” ‐ Mother Teresa

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