श्री महाभागवत उपपुराण : आचार्य मृत्युञ्जय त्रिपाठी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – पुराण | Shri Mahabhagwat Uppuran : by Acharya Mrityunjay Tripathi Hindi PDF Book – Puran

Book Nameश्री महाभागवत उपपुराण / Shri Mahabhagwat Uppuran : by Acharya Mrityunjay Tripathi
Author
Category, , , ,
Language
Pages 550
Quality Good
Size 138 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : जिस प्रकार वेद अपौरुषेय हैं, ऋषिगण उनके मन्त्रद्रष्टा हैं, ब्रह्मा प्रकटकर्ता हैं तथा महर्षि वेदव्यास विभिन्न संहिताओं के रूप में उनके सम्पादक हैं। उसी प्रकार की मूल सामग्री का कर्त्ता कोई अन्य नहीं, अपितु वेद-प्रतिपादित पुराणों के स्मर्ता ब्रह्मदेव द्वारा हुआ हैं, महर्षि वेदव्यास ने तो उनका……..

Pustak Ka Vivaran : Jis Prakar ved apaurushey hain, rishigan unke Mantradrashta hain, brahma prakatakarta hain tatha maharshi vedvyas vibhinn sanhitaon ke roop mein unke sampadak hain. usi prakar ki mool samagri ka kartta koi any nahin, apitu ved-pratipadit puranon ke smarta brahmadev dvara huya hain, Maharshi vedvyas ne to unka…….

Description about eBook : Just as the Vedas are Apaurusheya, the sages are their mentors, Brahma is the manifester and Maharishi Ved Vyasa is their editor in the form of various samhitas. No one else is the creator of the same type of original material, but by Brahmadev, the master of the Vedas-propounded Puranas, Maharishi Ved Vyas has done them……..

“दूसरों की पुष्टि पर निर्भर करने की तुलना में स्वयं को जानने तथा स्वीकार करने- अपनी शक्तियों तथा अपनी सीमाओं को जान लेने से वास्तविक विश्वास की उत्पत्ति होती है।” ‐ जूडिथ एम. बार्डविक
“Real confidence comes from knowing and accepting yourself – your strengths and your limitations – in contrast to depending on affirmation from others.” ‐ Judith M. Bardwick

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