शिव सूत्र विमर्श- जानकी नाथ कॉल कमल हिंदी पुस्तक मुफ्त डाउनलोड | Siva Sutra Vimarsha- Janakinath Kaul Kamal Hindi Book Free Download

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name शिव सूत्र विमर्श / Siva Sutra Vimarsha
Category, ,
Language
Pages 108
Quality Good
Size 33 MB
Download Status Available

शिव सूत्र विमर्श पुस्तक का कुछ अंश : यह शासन उत्तना ही प्राचीन माना गया है जितना वेद । सम्भवतः बेद-विस्तार के साथ ही शैवागम का भी आविर्भाव हुआ हो | अतः जैसे वेद अनादि माने जाते हैं बँसे ही शैवागम को भी अनादि मानना युक्ति-युक्त दीख पड़ता है………..

Siva Sutra Vimarsha PDF Pustak Ka Kuch Ansh : Yah Shasan uttana hi pracheen mana gaya hai jitana ved. Sambhavatah bed-vistar ke sath hi Shaivagam ka bhi Aavirbhav huya ho. Atah jaise ved anadi mane jate hain banse hi Shaivagam ko bhi anadi manana yukti-yukt deekh padata hai………..
Short Passage of Siva Sutra Vimarsha PDF Book : This rule is considered as ancient as the Vedas. Probably along with the expansion of Vedas, Shaivagam also appeared. Therefore, just as the Vedas are considered eternal, it seems logical to consider Shaivagam as eternal.
“हमें यह सिखाया जाना चाहिए कि किसी कार्य को करने के लिए हमें प्रेरणा की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। कर्म से हमेशा प्रेरणा का जन्म होता है। प्रेरणा से कभी कभी ही कर्म का जन्म होता है।” – फ्रेंक टिबोल्ट
“We should be taught not to wait for inspiration to start a thing. Action always generates inspiration. Inspiration seldom generates action.” – Frank Tibolt

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