स्फोट मीमांसा | Sphot Meemansa
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स्फोट मीमांसा पुस्तक का कुछ अंश : ब्रह्म के दो स्वरूप हैं-पर एवम् अपर। उसकी प्राप्ति की विद्याये भी दो मानी गई है। परा, अपरा | सम्पूर्ण वेद-बेदांग को अपरा विद्या कहा गया है | मुण्डकोपनिषद् में इस प्रकार उल्लेख है–ब्रह्मवादियों के कथनानुसार दो विद्यायें जाननी चाहिये–परा, अपरा | अपरा के अन्तगेत बेद, बेदांग आते हैं तथा परा विद्या वह है जिसके द्वारा उस अक्षर (पर) ब्रह्म की प्राप्ति होती है । छान्दोग्योपनिषद् में भी इसी प्रकार का उल्लेख हुआ है…………..
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | स्फोट मीमांसा | Sphot Meemansa |
| Author | Chandrabhanu Tripathi |
| Category | Uncategorized Hindi Books | अवर्गीकृत Literature Book in Hindi Social PDF Books In Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 283 |
| Quality | Good |
| Size | 12 MB |
| Download Status | Available |
“आशा के साथ तैयार की गई सड़क पर यात्रा करना उस सड़क पर यात्रा करने से कहीं अधिक आनन्ददायक होता है जिसे निराशा के साथ तैयार किया जाता है चाहे उन दोनो की मंजिल एक ही क्यों न हो।” ‐ मैरियन जिम्मर ब्रैडले
“The road that is built in hope is more pleasant to the traveler than the road built in despair, even though they both lead to the same destination.” ‐ Marian Zimmer Bradley
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