आज में लौट आओ : रमेश चन्द्र विद्यार्थी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – कविता | Aaj Mein Laut Aao : by Ramesh Chandra Vidhyarthi Hindi PDF Book – Poem (Kavita)

आज में लौट आओ : रमेश चन्द्र विद्यार्थी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कविता | Aaj Mein Laut Aao : by Ramesh Chandra Vidhyarthi Hindi PDF Book - Poem (Kavita)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name आज में लौट आओ / Aaj Mein Laut Aao
Author
Category, , , ,
Language
Pages 100
Quality Good
Size 544 KB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : यह ग्रन्थ उनका आदिम ग्रन्थ है फिर भी इसमें उनकी प्रतिमा का विलक्षण विकास देखा जाता है। ग्रन्थ सर्वथा निर्दोष नहीं, किन्तु इसमें अनेक इतनी सजीव और सुन्दर पंक्तियाँ है, कि उनके मधुर प्रवाह में उधर दृष्टि जाती ही नहीं। प्रफुल्ल-पटिल परसो-प्रसून में कांटें होते है, हों, किन्तु उसकी प्रफ्ल्लुल और मनोर॑जकता ही मुग्धकारिता की……

Pustak Ka Vivaran : Mujhe Gajal kee Panktiyan Mat Banao main Amiron kee Raten Gulshan karana nahin chahati. Mujhe Mujaron ka roop na do main Raheeson-Navabon kee Athakheliyan Banana Nahin chahati. Mujhe Chhayavadi chhand mat banao. Main Rahasy banakar Pathak ko thagana nahin chahati. Mujh par Prayogavadi Prayog mat karo. Main shabdon ke jal mein Atakana nahin chahati………

Description about eBook : Do not make me rows of ghazals, I do not want to gulp the nights of the rich. Do not give me the form of Mujars, I do not want to become the eighties of Rahis-Nawabs. Do not make me shadowy verses. I do not want to cheat the reader as a mystery. Do not do experimentalist experiments on me. I do not want to get stuck in the web of words ………

“व्यक्ति अकेले जन्मता है और अकेले मरता है; और अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है; और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है।” चाणक्य
“A man is born alone and dies alone; and he experiences the good and bad consequences of his karma alone; and he goes alone to hell or the Supreme abode.” Chanakya

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