हिंदी संस्कृत मराठी मन्त्र विशेष

अध्यात्म रोगों की चिकित्सा / Adhyatm Rogon Ki Chikitsa

अध्यात्म रोगों की चिकित्सा : ब्रह्मवर्चस द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - आध्यात्मिक | Adhyatm Rogon Ki Chikitsa : by Brahmvarchas Hindi PDF Book - Spiritual (Adhyatmik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name अध्यात्म रोगों की चिकित्सा / Adhyatm Rogon Ki Chikitsa
Category,
Language
Pages 186
Quality Good
Size 2.3 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : मेरे जीवन का बड़ा भाग बच्चों के शिक्षण में व्ययतीत हुआ है। विचारकों का मत है कि शिक्षा का सब से मुख्य कार्य चरित्र निर्माण है। पुस्तक विद्या किसी भी आयु में प्राप्त की जा सकती है, परन्तु छोटी आयु में बना हुआ चरित्र-वह अच्छा हो या बुरा-बड़ी आयु में आसानी से नही बदला जा सकता। इस कारण माता-पिता और शिक्षक का पहला कर्तव्य यह है कि वह बच्चों के चरित्र……..

Pustak Ka Vivaran : Mere jeevan ka bada bhag bachchon ke shikshan mein vyayateet huya hai. Vicharakon ka mat hai ki shiksha ka sab se mukhy kary charitra nirman hai. Pustak vidya kisi bhi aayu mein prapt kee ja sakati hai, parantu chhoti aayu mein bana huya charitra-vah achchha ho ya bura-badi aayu mein aasani se nahi badala ja sakata. Is karan mata-pita aur shikshak ka pahala kartavy yah hai ki vah bachchon ke charitra………..
Description about eBook : A large part of my life has been spent teaching children. Thinkers believe that the main task of education is character building. Book learning can be attained at any age, but the character created at a young age – good or bad – cannot be easily changed in older age. For this reason, the first duty of parents and teachers is that they are………..
“एक ऐसा व्यक्ति जिसने कभी गलती नहीं की है, उसने जीवन में कुछ नया करने का कभी प्रयास ही नहीं किया होता है।” अल्बर्ट आईंस्टिन
“A person who never made a mistake never tried anything new.” Albert Einstein

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment