अंग्रेजों से पहले का भारत : धर्मपाल द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – इतिहास | Angrejon Se Pahle Ka Bharat : by Dharmpal Hindi PDF Book – History (Itihas)

Book Nameअंग्रेजों से पहले का भारत / Angrejon Se Pahle Ka Bhara
Author
Category, ,
Language
Pages 32
Quality Good
Size 2.3 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह इन जलाशयों की मरम्मत के लिए श्रम और दूसरे साथन एकत्र किए जाते हैं। जब मैंने पूछा कि पंचायत उनकी मरम्मत क्यों नहीं करती तो उन्होंने बताया कि यह पंचायत का काम नहीं है | मेरे पूछने पर, कि फिर पंचायत का क्या काम है उन्होंने जवाब दिया कि उसका काम विकास करना है और विकास का मतलब…..

Pustak Ka Vivaran : Unhonne yah bhi Bataya ki kis tarah in Jalashayon ki Marammat ke liye Shram aur Doosare sadhan Ekatra kie jate hain. Jab Mainne Puchha ki Panchayat Unaki Marammat kyon nahin karati to unhonne bataya ki yah Panchayat ka kam nahin hai. Mere Poochhane par, ki phir Panchayat ka kya kam hai unhonne javab diya ki usaka kam vikas karana hai aur vikas ka Matlab……….

Description about eBook : He also explained how labor and other resources are collected to repair these reservoirs. When I asked why the panchayat does not repair them, they said that it is not the work of the panchayat. On my asking, what is the work of the panchayat then he replied that his job is to develop and the meaning of development is ……….

“हर कोई प्रतिभाशाली होता है। लेकिन अगर आप मछली को उसकी पहाड़ पर चढ़ पाने की क्षमता से आंकेंगे तो वह जीवनभर अपने आपको नालायक ही मानती रहेगी।” ‐ अल्बर्ट आइन्सटाइन
“Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb, it will live its whole life believing that it is stupid.” ‐ Albert Einstein

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