भारत के स्त्री – रत्न : पं. शिवप्रसाद दलपतराम द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Bharat Ke Stree – Ratna : by Pt. Shivprasad Dalpataram Hindi PDF Book – Social (Samajik)

Book Nameभारत के स्त्री – रत्न / Bharat Ke Stree – Ratna
Author
Category, , , ,
Pages 406
Quality Good
Size 12.75 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : अरुच्धती यह दक्ष की कन्या और महामुनि वशिष्ठ की साध्वी पत्नी थी। अपने समय में यह सर्वश्रेष्ठ सती मानी जाती थी। महादेव जी की माया तक से यह मोहित नहीं हुई थी। भारत वर्ष में विवाह के समय इस महापतिव्रता स्मरण किया जाता है। वेदशास्त्रों में यह विशेष प्रवीण का स्मरण किया जाता है…….

Pustak Ka Vivaran : Daksh kee kanya aur mahamuni vashishth kee sadhvi patni thee. Apane samay mein yah sarvashreshth sati mani jati thi. Mahadev jee kee maya tak se yah mohit nahin huyi thee. Bharat varsh mein vivah ke samay is mahapativrata smaran kiya jata hai. vedashastron mein yah vishesh praveen ka smaran kiya jata hai…………

Description about eBook : Daksha’s daughter and great-grandmother was the wife of Vasishtha. It was considered the best sati in its time. Even Mahadevji’s Maya did not fascinate him. At the time of marriage in India, this Mahapativrata is remembered. This special proficiency is remembered in the Vedas…………

“जन्म देने वाले माता पिता से अध्यापक कहीं अधिक सम्मान के पात्र हैं, क्योंकि माता पिता तो केवल जन्म देते हैं, लेकिन अध्यापक उन्हें शिक्षित बनाते हैं, माता पिता तो केवल जीवन प्रदान करते हैं, जबकि अध्यापक उनके लिए बेहतर जीवन को सुनिश्चित करते हैं।” ‐ अरस्तू
“Teachers, who educate children, deserve more honour than parents, who merely gave them birth; for the latter provided mere life, while the former ensure a good life.” ‐ Aristotle

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment