पं० जगन्नाथ बुवा पुरोहित (गुनिदास) व्यक्तित्व एवं कृतित्व : मंजुश्री त्यागी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – जीवनी | Jagannath Buva Purohit (Gunidas) Vyaktitva Evam Krititva : by Manjushree Tyagi Hindi PDF Book – Biography (Jeevani)

पं० जगन्नाथ बुवा पुरोहित (गुनिदास) व्यक्तित्व एवं कृतित्व : मंजुश्री त्यागी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - जीवनी | Jagannath Buva Purohit (Gunidas) Vyaktitva Evam Krititva : by Manjushree Tyagi Hindi PDF Book - Biography (Jeevani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name पं० जगन्नाथ बुवा पुरोहित (गुनिदास) व्यक्तित्व एवं कृतित्व / Jagannath Buva Purohit (Gunidas) Vyaktitva Evam Krititva
Author
Category, , ,
Language
Pages 14
Quality Good
Size 26 MB
Download Status Available

पं० जगन्नाथ बुवा पुरोहित (गुनिदास) व्यक्तित्व एवं कृतित्व का संछिप्त विवरण : कोल्हापुर के जगन्नाथ बुवा पुरोहित भी आगरा घराने के गवैए थे। उनका जन्म हैदराबाद में एक गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था, उनके पिता का नाम जनार्दन पुरोहित था। बचपन में ही उनके माताजी का स्वर्गवास हो गया था एवं जब उनके पिताजी का देहान्त हुआ था तब वे सिर्फ ग्यारह वर्ष के थे। उनके चाचा ने ही उनका पालन-पोषण किया था…..

Pt. Jagannath Buva Purohit (Gunidas) Vyaktitva Evam Krititva PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Kolhapur ke Jagannath buva purohit bhi Agra Gharane ke gavaie the. Unka janm Hyderabad mein ek Gareeb brahman parivar mein huya tha, unke Pita ka Nam janardan purohit tha. Bachpan mein hi unke Mata jee ka svargavas ho gaya tha evan jab unake Pitaji ka dehant hua tha tab ve sirph gyarah varsh ke the. Unke Chacha ne hi unka Palan-poshan kiya tha………
Short Description of Pt. Jagannath Buva Purohit (Gunidas) Vyaktitva Evam Krititva PDF Book : Jagannath Buva Purohit of Kolhapur was also a singer of the Agra Gharana. He was born in a poor Brahmin family in Hyderabad, his father’s name was Janardan Purohit. His mother died in his childhood and he was only eleven years old when his father died. He was brought up by his uncle………
“हर सुबह जब आप जागते हैं तो अपने भगवान को धन्यवाद दें तथा आप अनुभव करते है कि आपने वह कार्य करना है जिसे अवश्य किया जाना चाहिए, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं। इससे चरित्र का निर्माण होता है।” ‐ एमरसन
“Thank God every morning you get up and find you have something to do that must be done, whether you like it or not. That builds character.” ‐ Emerson

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