सामाजिक विज्ञान भाग-1 भारत कक्षा-9 : अर्जुन देव द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Samajik Vigyan Bhag-1 Kaksha-9 : by Arjun Dev Hindi PDF Book

सामाजिक विज्ञान भाग-1 भारत कक्षा-9 : अर्जुन देव द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Samajik Vigyan Bhag-1 Kaksha-9 : by Arjun Dev Hindi PDF Book
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name सामाजिक विज्ञान भाग-1 भारत कक्षा-9 / Samajik Vigyan Bhag-1 Kaksha-9
Author
Category, , ,
Language
Pages 117
Quality Good
Size 5 MB
Download Status Available

सामाजिक विज्ञान भाग-1 भारत कक्षा-9 पुस्तक का कुछ अंश : जब कोई देश अपनी सीमा के बाहर के क्षेत्र के लोगों के आर्थिक और राजनीतिक जीबन पर अपना शासन नियंत्रण अथवा आधिपत्य कायम करता है तो इस व्यवहार को ‘साम्राज्यवाद’ के नाम से पुकारा जाता है। ऐसा करने के लिए सेना का उपयोग किया जा सकता है या कोई दूसरा तरीका भी अपनाया जा सकता है। खास तौर से उपनिवेशवाद के द्वारा भी ऐसा होता है………

Samajik Vigyan Bhag-1 Kaksha-9 PDF Pustak in Hindi Ka Kuch Ansh : Jab koi desh apani sima ke bahar ke kshetr ke logon ke arthik aur rajanitik jivan par apana shasan niyantran athava adhipaty kayam karata hai to is vyavahar ko ‘samrajyavad ke nam se pukara jata hai. Aisa karane ke lie sena ka upayog kiya ja sakata hai ya koi doosara tarika bhi apanaya ja sakata hai. Khas taur se upaniveshavad ke dvara bhi aisa hota hai…………..
Short Passage of Samajik Vigyan Bhag-1 Kaksha-9 Hindi PDF Book : When a country controls or regulates its economic and political life on the people of the area outside its territory, then this practice is called as ‘imperialism’. Army can be used to do this or any other way can be adopted. Especially with colonialism that happens…………..
“एक मूल नियम है कि समान विचारधारा के व्यक्ति एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं। नकारात्मक सोच सुनिश्चित रुप से नकारात्मक परिणामो को आकर्षित करती है। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति आशा और विश्वास के साथ सोचने को आदत ही बना लेता है तो उसकी सकारात्मक सोच से सृजनात्मक शक्तियों सक्रिय हो जाती हैं- और सफलता उससे दूर जाने की बजाय उसी ओर चलने लगती है” – नार्मन विंसेन्ट पीएले
“There is a basic law that like attracts like. Negative thinking definitely attracts negative results. Conversely, if a person habitually thinks optimistically and hopefully, his positive thinking sets in motion creative forces — and success instead of eluding him flows toward him.” – Norman Vincent Peale

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