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श्री भवानी सहस्त्रनाम स्तवराजम / Shri Bhavani Sahastranam Stavarajam

श्री भवानी सहस्त्रनाम स्तवराजम : दुर्गा लाल शर्मा द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - धार्मिक | Shri Bhavani Sahastranam Stavarajam : by Durga Lal Sharma Hindi PDF Book - Religious (Dharmik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name श्री भवानी सहस्त्रनाम स्तवराजम / Shri Bhavani Sahastranam Stavarajam
Author
Category, , , , ,
Language
Pages 92
Quality Good
Size 20.5 MB
Download Status Available

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

पुस्तक का विवरण : शक्ति और भक्ति हमारी संस्कृति के मूलाधार रहें है। भक्ति बिना शक्ति के निर्बल होती है और शक्ति बिना भक्ति के-पाश्चविक एक आसुरी रूप धारण करती है। वास्तव में शक्ति ओर भक्ति के बीच सन्तुलन ओर सामंजस्य ही धर्म और शांति के सबल आधार हैं। यह शाश्वत सिद्धांत इस सम्पूर्ण ब्रह्मामण्ड में कार्यरत्त है। यदि भक्ति और शक्ति में उचित…….

Pustak Ka Vivaran : Shakti Aur Bhakti hamari Sanskrti ke Mooladhar rahen hai. Bhakti bina shakti ke Nirbal hoti hai aur shakti bina bhakti ke pashvik ek aasuri roop dharan karti hai. Vastav mein shakti or bhakti ke beech santulan or samanjasy hi dharm aur shanti ke sabal aadhar hain. Yah Shashvat siddhant is sampurn Brahmanand mein karyaratt hai. Yadi Bhakti aur shakti mein uchit………

Description about eBook : Shakti and Bhakti have been the cornerstone of our culture. Devotion is weak without power and power without devotion takes on a demonic form. In fact, the balance and harmony between Shakti and Bhakti is the strong basis of religion and peace. This eternal principle is at work in this entire universe. If proper in devotion and power………

“ऐसा नहीं है कि कार्य कठिन हैं इसलिए हमें हिम्मत नहीं करनी चाहिए, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम हिम्मत नहीं करते हैं इसलिए कार्य कठिन हो जाते हैं।” ‐ सेनेका
“It is not because things are difficult that we do not dare; it is because we do not dare that things are difficult.” ‐ Seneca

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