श्री महाराज हरिदास जी की वाणी सटिप्पणी व अपर निरंजनी महात्माओं की रचना के अंशांश : मंगलदास स्वामी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – आध्यात्मिक | Shri Maharaj Haridas Ji Ki Vani Stippani Va Apar Niranjani Mahatmayo Ki Rachna Ke Anshansh : by Mangal Das Swami Hindi PDF Book – Spiritual (Adhyatmik)

श्री महाराज हरिदास जी की वाणी सटिप्पणी व अपर निरंजनी महात्माओं की रचना के अंशांश : मंगलदास स्वामी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - आध्यात्मिक | Shri Maharaj Haridas Ji Ki Vani Stippani Va Apar Niranjani Mahatmayo Ki Rachna Ke Anshansh : by Mangal Das Swami Hindi PDF Book - Spiritual (Adhyatmik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name श्री महाराज हरिदास जी की वाणी सटिप्पणी व अपर निरंजनी महात्माओं की रचना के अंशांश / Shri Maharaj Haridas Ji Ki Vani Stippani Va Apar Niranjani Mahatmayo Ki Rachna Ke Anshansh
Author
Category,
Language
Pages 1682
Quality Good
Size 148 MB
Download Status Available

श्री महाराज हरिदास जी की वाणी सटिप्पणी व अपर निरंजनी महात्माओं की रचना के अंशांश का संछिप्त विवरण : यह प्रेस अभी प्रारंभिक दशा में ही है । प्रेस मालिक की भावना तो उत्तरदायित्वपूर्ण है पर साथनों की कमी है तथा टाइप जो प्रयोग में आया है उस की ढलाई में ही कुछ न्यूनतायें थी अतः पुस्तक जैसी उत्तम छपनी चाहिये थी वह अभिलाषा अधूरी ही रही। प्रूफ करेक्शन में भी कुछ असावधानी रही, अतः शुद्धि-पत्र भी लगाना पड़ा……..

Shri Maharaj Haridas Ji Ki Vani Stippani Va Apar Niranjani Mahatmayo Ki Rachna Ke Anshansh PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Yah Press Abhi prarambhik dasha mein hi hai . Press malik ki bhavana to uttardayitvapurn hai par sadhanyon ki kami hai tatha taip jo prayog mein aaya hai us ki dhalayi mein hi kuchh Nyoonatayen thi atah pustak jaisi uttam chhapani chahiye thi vah abhilasha adhoori hi rahi. Proof Correction mein bhi kuchh asavdhani rahi, atah shuddhi-patr bhi lagana pada…….
Short Description of Shri Maharaj Haridas Ji Ki Vani Stippani Va Apar Niranjani Mahatmayo Ki Rachna Ke Anshansh PDF Book : This press is still in preliminary condition. The spirit of the press owner is responsible but there is a lack of tools and the type which has been used, there were some shortcomings in the casting itself, so the aspiration of a book like it should be printed remained incomplete. There was some carelessness in the proof correction as well, so a correction letter was also put in…….
“मेरे विचार से आप प्रतिदिन दो में से कोई एक काम करते हैं: स्वास्थ्य वर्धन करना या अपने शरीर में रोग पैदा करना।” ‐ एडेल्लेय
“As I see it, every day you do one of two things: build health or produce disease in yourself.” ‐ Adelle

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