त्रासदियां : नरेंद्र कोहली द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Trasdiyan : by Narendra Kohali Hindi PDF Book – Literature (Sahitya)

Book Nameत्रासदियां / Trasdiyan
Author
Category, , , ,
Language
Pages 146
Quality Good
Size 2.08 MB

पुस्तक का विवरण : कॉलेज में गर्मी की छुटियाँ थी। बाहर लू चलती थी और धरती तपती थी। हम पहाड़ पर क्या जाते। सारी जमा-पूजी विवाह में ही समाप्त हो गई थी। हनीमून की सलाह बहुतो ने दी थी, पर हनीमून एलाउंस’ किसी ने नहीं दिया। कहते है कि उसका रिवाज नहीं है। इन्ही रिवाजों के दोहरेपन में हम मरे गए साहब ……….

Pustak Ka Vivaran : Collage mein Garmi ki chhutiyan thee. Bahar loo chalatee thee aur dharatee tapatee thee. Ham pahad par kya jate. Sari jama-pooji vivah mein hee samapt ho gayi thee. Hanimoon kee salah bahuto ne dee thee, par hanimoon Elauns kisi ne nahin diya. Kahate hai ki usaka rivaj nahin hai. Inhi Rivajon ke doharepan mein ham mare gaye sahab…………

Description about eBook : It was summer vacation in college. Lue used to go out and the earth was hot. What would we have done on the mountain All the hoarding had ended in marriage. Many people advised honeymoon, but no one gave honeymoon allowance. It is said that it is not his custom. We died in duplication of these customs………………

“अगर व्यक्ति में उन्हें स्वीकार करने के साहस है तो गलतियां हमेशा क्षम्य हैं।” ‐ ब्रूस ली
“Mistakes are always forgivable, if one has the courage to admit them.” ‐ Bruce Lee

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