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वर्जनाओ को लाँघते हुए / Varjanaon Ko Langhte Hue

वर्जनाओ को लाँघते हुए : हरदर्शन सहगल द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कहानी | Varjanaon Ko Langhte Hue : by Hardarshan Sehgal Hindi PDF Book - Story (Kahani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name वर्जनाओ को लाँघते हुए / Varjanaon Ko Langhte Hue
Author
Category, , , ,
Language
Pages 160
Quality Good
Size 3 MB
Download Status Available

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

वर्जनाओ को लाँघते हुए पुस्तक का कुछ अंश : अभी हाल ही में हनुमानगढ के सुरेशिया क्षेत्र में रहने वाले एक प्रेमी जोडे के रेलवे पुलिया के पास सादुल ब्राच नहर में कूदकर जान दे देने का समाचार आया। यह विवाहेतर प्रेम-सम्बन्धों का प्रकरण और उसकी परिणति है। दोनों हो विवाहित थे। बाईस वर्षीय गौरो देवी का पति विजयकुमार पोलियो-ग्रस्त बताया गया है…..

Varjanaon Ko Langhte Hue PDF Pustak in Hindi Ka Kuch Ansh : Abhi hal hi mein hanumangadh ke sureshiya kshetra mein rahane vale ek premi jode ke relave puliya ke pas sadul braach nahar mein koodakar jan de dene ka samachar aaya. Yah vivahetar prem-sambandhon ka prakaran aur usaki parinati hai. donon ho vivahit the. Bais varshiy gauro devi ka pati vijayakumar poliyo-grast bataya gaya hai……….
Short Passage of Varjanaon Ko Langhte Hue Hindi PDF Book : Recently, a lover living in Suresia area of ​​Hanumangarh came to know about his life by jumping into the Sadul Brach canal near the railway culvert. This is the episode and the culmination of extramarital affair. Both of them were married. Vijaykumar, the husband of twenty-two-year-old Gauro Devi, is said to be polio-afflicted ……….
“वह रिश्ता जो आपके परिवार को वास्तव में बांधता है, वह खून का नहीं है, बल्कि एक दूसरे के जीवन के प्रति आदर और खुशी का रिश्ता होता है।” ‐ रिचर्ड बैक
“The bond that links your true family is not one of blood, but of respect and joy in each other’s life.” ‐ Richard Bach

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