निगमागम संस्कृति | Nigmagam Sanskriti

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निगमागम संस्कृति पुस्तक का कुछ अंश : मानव जाति को धरोहर के रूप में प्राप्त ज्ञान और विज्ञान का, संकीर्ण वृद्धि को छोड़ निष्पक्ष, भाव से अध्ययन किया जाना चाहिए। प्राच्य और पाश्चात्य देशों के दर्शनों को अपनी अपनी परंपरा रही है एवं इनकी अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। इनका विकास परस्पर निरपेक्ष भाव से हुआ अथवा एक को दूसरे ने प्रभावित किया, इस विषय में विद्वानों में मतभेद है …….
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name निगमागम संस्कृति | Nigmagam Sanskriti
Author
CategoryPhilosophy Book in Hindi Historical Book in Hindi PDF History Book in Hindi
Language
Pages 356
Quality Good
Size 74.5 MB
Download Status Available
“जीवन का महानतम उपयोग इसे किन्हीं ऐसे अच्छे कार्यों पर व्यय करना है जो कि इसके जाने के बाद भी बने रहें।” ‐ विलियम जेम्स
“The greatest use of a life is to spend it for something that will outlast it.” ‐ William James

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