अंधेर नगरी : भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – नाटक | Andher Nagri : by Bhartendu Harishchandra Hindi PDF Book – Drama (Natak)

Book Nameअंधेर नगरी / Andher Nagri
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Pages 22
Quality Good
Size 5 MB
Download Status Available

अंधेर नगरी का संछिप्त विवरण : बात यह है कि कल कोतवाल को फांसी का हुक्म हुआ था। जब फांसी देने को उसे ले गए तो फांसी का फंदा बड़ा निकला, क्योंकि कोतवाल साहब दुबले हैं। हम लोगों ने महाराज से अर्ज की। इस पर हुक्म हुआ कि किसी मोटे आदमी को फांसी दे दो, क्योंकि बकरी मरने के अपराध में किसी न किसी को सजा होना जरूरी है, नहीं तो न्याय न होगा……

Andher Nagri PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Bat Yah hai ki kal Kotval ko Phansi ka hukm huya tha. Jab Phansi dene ko use le gaye to Phansi ka Phanda bada Nikala, kyonki kotval sahab dubale hain. Ham logon ne Maharaj se Arj ki. Is par hukm huya ki kisi mote Admi ko Phansi de do, kyonki bakari marane ke Apradh mein kisi na kisi ko saja hona jaruri hai, nahin to Nyay na hoga……..
Short Description of Andher Nagri  PDF Book : The thing is that yesterday Kotwal was ordered to be hanged. When he took him to be hanged, the noose of hanging turned out to be big, because the Kotwal Sahib is weak. We applied to Maharaj. It was ordered that a fat man should be hanged, because someone must be punished for the crime of killing a goat, otherwise justice will not be done………
“अपने चरित्र में सुधार करने का प्रयास करते हुए, इस बात को समझें कि क्या काम आपके बूते का है और क्या आपके बूते से बाहर है।” ‐ फ्रांसिस थामसन
“In attempts to improve your character, know what is in your power and what is beyond it.” ‐ Francis Thompson

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