नागमणि : अमृता प्रीतम | Nagamani : By Amrita Pritam Hindi Book
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पुस्तक के कुछ अंश :
“तुम मेरे लिए उस औरत की तरह होगी, जिसका कोई नाम नहीं होता,
या उसका कोई भी नाम हो सकता है।” “यह तो बहुत बड़ा दर्जा है!”
“क्या मतलब?”
“ख़ुदा का भी कोई नाम नहीं होता और उसका कोई भी नाम हो सकता है!” “छोटी बातों को ख़ुदा से मिला दें,
तो वे बड़ी नहीं हो जाती।”
“कई बातें ऐसी भी होती हैं, जो छोटी होने या बड़ी होने से बेनियाज़ होती हैं!”
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | नागमणि | Nagamani |
| Author | Amrita Pritam |
| Category | Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 120 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“एक मनुष्य बहुत ही परिश्रमी हो कर भी हो सकता है अपने समय को सही तरीके से नहीं बिता रहा हो। इससे अधिक दुखद भूल करने वाला कोई नहीं हो सकता जो अपने जीवन का अधिकांश समय जीविका कमाने में व्यय कर दे।” ‐ हेनरी डेविड थोरो (१८१७-१८६२), लेखक
“A man may be very industrious, and yet not spend his time well. There is no more fatal blunderer than he who consumes the greater part of life getting his living.” ‐ Henry David Thoreau, naturalist and author (1817-1862)
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