कटिंग-टेलरिंग कोर्स : गायत्री वर्मा | Cutting-Tailoring Course : By Gayatri Verma Hindi Book
आज के युग में यदि प्राचीनता पर सूक्ष्म दृष्टिपात करें, तो ज्ञात होता है कि उस समय की प्राचीन प्रथाएं अभी तक उसी रूप में प्रचलित है। प्राचीन काल में यह प्रथा प्रचलित दी कि बालिकाओं को शैशव से ही सीना-पिरोना सिखाया जाता था और आज भी वह मान्यता कुछ सीमा तक इसी रूप में प्रचलित है, बल्कि आज के किशोर तो फैशन की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इसे व्यवसाय के रूप में स्वीकार करने के लिए भी तत्पर है।
वस्त्र एवं मशीन की ऐतिहासिक जानकारी, उस पर कार्य विधि, मानव शरीर सरचना व उसकी टेलरिंग में आवश्यकता कपड़ा बनाते समय उसके लिए नाप प्रणालियों, काटना एवं उनके प्रयोग, प्रेस करने के तरीके असाय नियों से आने वाले वस्त्रों में दोष व उनको दूर करने के उपाय तथा ड्राइंग सम्बन्धी पाठों का विवरण आदि सभी का एक साथ नवीन संग्रह इस पुस्तक में दिया जा रहा है।
इसी के साथ ही ड्राफ्टिंग सम्बन्धी जानकारी के लिए यह पुस्तक है जिसमें शिशुओं बालक-बालिकाओं, किशोर-किशोरियों, स्त्रियों एवं पुरुषों के आवश्यक प्रयोग के वस्त्रों के आरेख एवं उनको तैयार करने की सिलसिलेवार सिलाई प्रक्रियाएँ भी बताई गई है।
किशोर एवं किशोरियों जो इस दिशा में रूचि रखते हैं, उनके, तथा गृहणियों के बड़ोपयोगी ज्ञान हेतु यह ड्राफ्टिंग पुस्तक तैयार की गई है जिसमें घर में प्रयोग होने वाले सभी वस्त्रों की शफ्टिंग तकनीक एवं उनको मिलने का तरीका सिलसिलेवार समझाया गया है।
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इससे पूर्व मेरी कटाई-सिलाई ब्योरी” की पुस्तक का प्रकाशन हो चुका है जिसका अध्यापक एवं छात्र-छात्राएं अपने प्रशिक्षण के लिये एक उपयोगी पुस्तक के रूप में लाभ उठा रहे हैं।
पुस्तक को इतने सुंदर रूप में तथा विशेष रूचि लेकर प्रकाशित करने के लिए में एशियन पब्लिशर्स तथा उनके समस्त सहयोगियों की सदा आभारी रहूंगी।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | कटिंग-टेलरिंग कोर्स | Cutting-Tailoring Course |
| Author | Gayatri Verma |
| Category | Essay On Books In Hindi | निबन्ध |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 344 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“चरित्र को बनाए रखना आसान है, उसके भ्रष्ट हो जाने के बाद उसे सुधारना कठिन है।” टॉमस पेन (१७३७-१८०९), लेखक एवं राजनीतिक सिद्धांतकार
“Character is much easier kept than recovered.” Thomas Paine (1737-1809), Writer and Political Thinker
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