ढुलंगते इक्के पके आम : हर्षदेव मालवीय द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – कहानी | Dhulangate Ikke Pake Aam : by Harshdev Malviya Hindi PDF Book – Story (Kahani)

ढुलंगते इक्के पके आम : हर्षदेव मालवीय द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कहानी | Dhulangate Ikke Pake Aam : by Harshdev Malviya Hindi PDF Book - Story (Kahani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name ढुलंगते इक्के पके आम / Dhulangate Ikke Pake Aam
Author
Category, , , ,
Language
Pages 176
Quality Good
Size 8 MB
Download Status Available

ढुलंगते इक्के पके आम का संछिप्त विवरण : आर्थिक प्रश्नों पर उनका विशेष अध्ययन है । कांग्रेस की ओर से “आर्थिक समीक्षा” का वह सम्पादन कर रहे हैं। साहित्यिक शब्द चित्रण की ओर इन रेखाचित्रों में उनका मुझे प्रारम्भिक प्रयास दिखायी दिया । मैं उसका सप्रेम स्वागत करता हूँ । वे अपने में रुचिकर तो हैं ही, परन्तु वे नवीन फल वृक्ष की पहली छोटी उपज के समान…….

Dhulangate Ikke Pake Aam PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Aarthik prashnon par unaka vishesh adhyayan hai . Congres ki or se “Aarthik sameeksha” ka vah sampadan kar rahe hain. Sahityik shabd chitran kee or in rekhachitron mein unaka mujhe prarambhik prayas dikhayi diya . Main usaka saprem svagat karata hoon . Ve apane mein ruchikar to hain hi, parantu ve navin phal vrksh ki pahali chhoti upaj ke saman……..
Short Description of Dhulangate Ikke Pake Aam PDF Book : He has a special study on economic questions. He is editing the “Economic Review” on behalf of the Congress. In these sketches I showed my initial efforts towards literary word illustration. I welcome him dearly. They are interesting in themselves, but they are like the first small produce of the new fruit tree…….
“अपने चरित्र में सुधार करने का प्रयास करते हुए, इस बात को समझें कि क्या काम आपके बूते का है और क्या आपके बूते से बाहर है।” ‐ फ्रांसिस थामसन
“In attempts to improve your character, know what is in your power and what is beyond it.” ‐ Francis Thompson

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