एकायन : आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – कविता | Ekayan : by Acharya Janakivallabh Shstri Hindi PDF Book – Poem (Kavita)

एकायन : आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कविता | Ekayan : by Acharya Janakivallabh Shstri Hindi PDF Book - Poem (Kavita)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name एकायन / Ekayan
Author
Category, , , , , ,
Language
Pages 49
Quality Good
Size 7.7 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : साहित्य में जो सहित का भाव है उस भाव में वैभव की पड़ जाएगी यदि केवल यथार्थ को कस कर पकडे रहा जाए। यथार्थ का ज्ञान ही होता है, सौन्दर्य और आनन्द के उससे भिन्न आयाम है। आग की जानकारी एक बात है, किसी का अगियाबैताल होना जानकारी ही नहीं है। साहित्य में भाव की पूजा होती है…….

Pustak Ka Vivaran : Sahity mein jo Sahit ka bhav hai us bhav mein Vaibhav ki Pad Jayegi yadi keval Yatharth ko kas kar pakade raha jaye. Yatharth ka gyan hi hota hai, Saundary aur Aanand ke usase bhinn Aayam hai. Aag ki jankari ek bat hai, kisi ka Agiyabaitaa hona jankari hi nahin hai. Sahity mein bhav ki pooja hoti hai……..

Description about eBook : Whatever is the sense of including in literature, that sense will be plagued if only the reality is caught tightly. Only knowledge of reality is there, beauty and joy have different dimensions than that. Information about fire is one thing, it is not known to have any fire. Bhava is worshiped in literature ………

“सच्चाई का सामना ऐसे कीजिए जैसे कि वह है, न कि जैसा आप उसे होना चाहते हैं।” जैक वेल्च
“Face reality as it is, not as it was or as you wish it to be.” Jack Welch

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