लौंजाइनस के उदात्त तत्व सिद्धान्त के आधार पर निराला काव्य का अध्ययन : डॉ. किशोरीलाल गुप्त द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Laujayines Ke Udatt Tatv Siddhant Ke Aadhar Par Nirala Kavya Ka Adhyayan : by Dr. Kishori Lal Gupt Hindi PDF Book – Literature (Sahitya)

लौंजाइनस के उदात्त तत्व सिद्धान्त के आधार पर निराला काव्य का अध्ययन : डॉ. किशोरीलाल गुप्त द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - साहित्य | Laujayines Ke Udatt Tatv Siddhant Ke Aadhar Par Nirala Kavya Ka Adhyayan : by Dr. Kishori Lal Gupt Hindi PDF Book - Literature (Sahitya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name लौंजाइनस के उदात्त तत्व सिद्धान्त के आधार पर निराला काव्य का अध्ययन / Laujayines Ke Udatt Tatv Siddhant Ke Aadhar Par Nirala Kavya Ka Adhyayan
Author
Category, , , , , ,
Language
Pages 186
Quality Good
Size 21.35 MB
Download Status Available

लौंजाइनस के उदात्त तत्व सिद्धान्त के आधार पर निराला काव्य का अध्ययन  पीडीऍफ़ पुस्तक का संछिप्त विवरण : लौंजाइनस ने ‘उदात्त’ की परिभाषा नहीं दी है, उसे एक स्वत स्पष्ट तथ्य मानकर छोड़
दिया है | उनका मत है कि उदात्त साहित्य के हर गुणों में महान है, यह वह गुण है जो अन्य छुद्र चुटिओं के
बावजद साहित्य को सच्चे अर्थो में प्रभावपर्ण बना देता है

Laujayines Ke Udatt Tatv Siddhant Ke Aadhar Par Nirala Kavya Ka Adhyayan PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Launjainas ne udatt ki  Paribhasha nahin dee hai, use ek svat spasht tathy Manakar chhod diya hai. Unaka mat hai ki udatt sahity ke har gunon mein mahan hai, yah vah gun hai jo any chhudr trution ke bavajood sahity ko sachche artho mein prabhavapoorn bana deta hai…………


Short Description of Laujayines Ke Udatt Tatv Siddhant Ke Aadhar Par Nirala Kavya Ka Adhyayan Hindi : Loenjinas has not defined the ‘Sublime’, and has left it as an independent manifest fact. He is of the opinion that the noble literature is great in every virtue, it is a virtue which, in spite of other obstructive errors, makes literature literally effective…………..

 

“बुद्धिमान व्यक्तियों की प्रंशसा की जाती है; धनवान व्यक्तियों से ईर्ष्या की जाती है; बलशाली व्यक्तियों से डरा जाता है, लेकिन विश्वास केवल चरित्रवान व्यक्तियों पर ही किया जाता है।” ‐ अल्फ्रेड एडलर
“Men of genius are admired, men of wealth are envied, men of power are feared; but only men of character are trusted.” ‐ Alfred Adler

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