नारी रोगांक : देवीशरण गर्ग द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Nari Rogank : by Devisharan Garg Hindi PDF Book

नारी रोगांक : देवीशरण गर्ग द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Nari Rogank : by Devisharan Garg Hindi PDF Book
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name नारी रोगांक / Nari Rogank
Author
Category, ,
Pages 644
Quality Good
Size 53 MB
Download Status Available

नारी रोगांक का संछिप्त विवरण : ये चित्र अनेक रंगों में अफसेट प्रैस से बहुत ही आकर्षक तैयार कराये गये हैं। इन सभी चित्रों का साइज एक समान 20 इंच चौड़ाई तथा ३० इंच लम्बाई है। ऊपर नीचे लकड़ी ली है, कपड़े पर मढ़े हैं तथा चिकित्सालय में टांगने पर उनकी शोभा बढ़ाने वाले हैं। सभी अवयवों का विवरण हिन्दी में लिखा गया………

Nari Rogank PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Ye chitr anek rangon mein aphaset prais se bahut hei akarshak taiyar karaye gaye hain. In sabhi chitron ka saij ek saman 20 inch chaudai tatha 30 inch lambai hai. Oopar niche lakadi lee hai, kapade par madhe hain tatha chikitsalay mein tangane par unaki shobha badhane vale hain. Sabhi avayavon ka vivaran hindi mein likha gaya hai………….
Short Description of Nari Rogank PDF Book : These pictures have been made very attractive in many colors from Afsat Press. All these pictures have a uniform 20-inch width and 30-inch length. The wood is topped up, clad on the fabric and he is going to enhance his beauty when hanging in the hospital. Details of all the ingredients have been written in Hindi…………
“केवल जानना पर्याप्त नहीं है, हमें अवश्य ही प्रयोग भी करना चाहिए। केवल इच्छा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें कार्य करना भी चाहिए।” गोएथ
“Knowing is not enough; we must apply. Willing is not enough; we must do.” Goethe

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment