सिद्ध साहित्य : डॉ. धर्मवीर भारती द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Siddh Sahitya : by Dr. Dharmaveer Bharati Hindi PDF Book – Literature (Sahitya)

Book Nameसिद्ध साहित्य / Siddh Sahitya
Author
Category, , , , ,
Language
Pages 562
Quality Good
Size 60

पुस्तक का विवरण : सहज शब्द का प्रयोग सिद्धो ने बराबर उसी प्रसंग में और लगभग उसी अर्थ में किया है जिसमें उन्होंने शून्य का प्रयोग किया है | सहज परम तत्व है | वह एकमात्र परम तत्व है, जिसे करहपा जानते हैं किन्तु बहुत से शास्त्रागम का पठन पाठन और श्रवण करने वाले उसे नहीं जान पाते | किन्तु जो सहज लक्षण को जान लेता……..

Pustak Ka Vivaran : Sahaj shabd ka prayog siddho ne barabar usi prasang mein aur lagabhag usi arth mein kiya hai jisamen unhonne shuny ka prayog kiya hai. Sahaj param tatv hai. Vah ekamatra param tatv hai, jise karahapa janate hain kintu bahut se shastragam ka pathan pathan aur shravan karane vale use nahin jan pate. Kintu jo sahaj lakshan ko jan leta………….

Description about eBook : Siddha has used the word Siddha in the same context and in almost the same meaning in which he has used zero. It is the ultimate element. He is the only ultimate element, who knows it, but reading and listening to many of the Shastagam do not know him. But who knows the natural symptoms…………..

“वह लोग भाग्यशाली हैं जो कि सपने बुनते हैं और उनको वास्तविक बनाने के लिए कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं।” ‐ लियोन जे.सूअसेन
“Happy are those who dream dreams and are ready to pay the price to make them come true.” ‐ Leon J. Suenes

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment