वेद – समालोचना : पं० राजेन्द्र कुमार जैन द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – वेद | Ved – Samalochana : by Pt. Rajendra Kumar Jain Hindi PDF Book – Ved

वेद - समालोचना : पं० राजेन्द्र कुमार जैन द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - वेद | Ved - Samalochana : by Pt. Rajendra Kumar Jain Hindi PDF Book - Ved
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name वेद – समालोचना / Ved – Samalochana
Author
Category,
Language
Pages 120
Quality Good
Size 3.60 MB
Download Status Available

वेद – समालोचना का संछिप्त विवरण : जबकि वेद शब्द का अर्थ ईश्वरीय ज्ञान किया जाता है और उसको इश्वरकृत माना जाता है तब इसमें किसी भी इश्वरास्तित्व्वादी को कोई विरोध नहीं रहता, क्योकि ईश्वर के अस्तित्व को मानने वाले वे चाहे आर्यसमाजी हो, सनातनी हो या जैनी भले ही उसके अन्य गुणों के सम्बन्ध में मतभेद रखते हो…..

Ved – Samalochanai PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Jabki ved shavd ka arth eeshvariy gyan kiya jata hai aur usko ishvarakrt mana jata hai tab ismen kisi bhi ishvarastitvvadi ko koi virodh nahin rahta, kyoki eeshvar ke astitv ko manne vale ve chahe aaryasamaji ho, sanatani ho ya jaini bhale hi uske any gunon ke sambandh mein matabhed rakhte ho…………
Short Description of Ved – Samalochana PDF Book : While the meaning of Ved Veda is divine knowledge and it is considered Ishvarmar, then there is no resistance to any divinity, because those who believe in the existence of God, whether it is Arya Samaj, or ecstasy, or even its other qualities of Jain Have differences in………….
“यदि एक बड़ा कदम उठाने की आवश्यकता है, तो डरें नहीं। आप गहरी खाई को दो छोटे फलांग लगा कर नहीं पार कर सकते हैं।” ‐ डेविय लायड जार्ज
“Don’t be afraid to take a big step if one is indicated. You can’t cross a chasm in two small jumps.” ‐ David Lloyd George

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