अग्निदेव मंत्र साधना एवं काम्य प्रयोग : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – तंत्र-मंत्र | Agni Dev Sadhan Evm Kamya Prayog : Hindi PDF Book – Tantra-Mantra

Book Nameअग्निदेव मंत्र साधना एवं काम्य प्रयोग / Agni Dev Sadhan Evm Kamya Prayog
Category, ,
Language
Pages 17
Quality Good
Size 398 KB
Download Status Available
चेतावनी यह पुस्तक केवल शोध कार्य के लिए है| इस पुस्तक से होने वाले परिणाम के लिए आप स्वयं उत्तरदायी होंगे न कि 44Books.com

पुस्तक का विवरण : वराहपुराण में ब्रह्माजी अग्निदेव के विषय में कहते है- परमश्रेष्ठ अग्निदेव ! देवताओं, यक्षो और गय्धर्वो से भी पूर्व तुम सर्वप्रथम प्रतिपदा को उतपन्न हुए हो और तुम्हारे पश्चात्‌ इन सबका प्राकट्य हुआ है | अंत प्रतिपदा नाम तिथि तुम्हारे लिये विहित होगी | इस तिथि में प्रजापति की मुर्तिभुत हविष्य से जो तुममें हवन करेंगे………..

Pustak Ka Vivaran : Varahapuran mein Brahmaji Agnidev ke vishay mein kahte hai- paramashreshth Agnidev ! devtaon, yaksho aur gandharvo se bhi purv tum sarvapratham pratipada ko utapann hue ho aur tumhare pashchat in sabka prakaty hua hai. Ant pratipada naam tithi tumhare liye vihit hogi. Is tithi mein prajapati ki murtibhut havishy se jo tummen havan karenge…………

Description about eBook : In ‘Varahapuraan’, Brahmaji says about Agnidev – the supreme Supreme Lord! Even before the gods, Yaksho and Gandharva, you have got the first pratipada and you have got a glimpse of it after all. End date name will be prescribed for you. In this date from the idol of Prajapati, who will celebrate you……………..

“मैं जब कम उम्र का था तो मैंने देखा कि हर दस काम जो मैं करता था उसमें से नौ में विफल होता था, तो मैंने दस गुना अधिक काम करना शुरु कर दिया।” -जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
“When I was young I observed that nine out of every ten things I did were failures, so I did ten times more work.” -George Bernard Shaw

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