अंग्रेजी साहित्य की रूप रेखा : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Angregi Sahitya Ki Roop Rekha : Hindi PDF Book – Literature ( Sahitya )

अंग्रेजी साहित्य की रूप रेखा : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - साहित्य | Angregi Sahitya Ki Roop Rekha : Hindi PDF Book - Literature ( Sahitya )
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name अंग्रेजी साहित्य की रूप रेखा / Angregi Sahitya Ki Roop Rekha
Category, ,
Language
Pages 86
Quality Good
Size 3.4 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : इस देश की निवासियों के लिए, अपना इतिहास सह्त्रब्दियो में गिनते है, इंग्लैण्ड का इतिहास बहुत प्राचीन नहीं | उसके साहित्य का इतिहास तो अपेक्षाकृत नितान्त आधुनिक है | साधारणत उसका आरम्भ कवि चासर ( लगभग सन १३४०-१४००) से माना जाता है | परन्तु चासर से पहले ही अंग्रेजी साहित्य का जन्म हो गया था, यद्यपि छ सदियों के उस साहित्य को कुछ सम्रद्ध नहीं कहा जा सकता……

Pustak Ka Vivaran : Is desh ki nivasiyon ke lie, apna itihas sahrtrabdiyo mein ginte hai, Inglaind ka itihas bahut prachin nahin. Uske sahity ka itihas to apekshakrt nitant aadhunik hai. Sadharanat uska aarambh kavi chasar ( lagbhag san 1340-1400) se mana jata hai. Parantu chasar se pahle hi angreji sahity ka janm ho gaya tha, yadyapi chh sadiyon ke us sahity ko kuchh samraddh nahin kaha ja sakta…………

Description about eBook : For the inhabitants of this country, their history is counted in thousand years, the history of England is not very ancient. The history of his literature is relatively modern. Generally it is considered from the beginning of the poet Chasar (circa 1340-1400). But before the Chancellor, English literature was born, although the literature of the six centuries can not be said to be something corrupt…………..

“सभी से प्रेम करें, कुछ पर विश्वास करें और किसी के साथ भी गलत न करें।” ‐ विलियम शेक्सपियर
“Love all, trust a few, do wrong to none.” ‐ William Shakespeare

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