अपराधिनी : शिवानी द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Apradhini : by Shivani Hindi PDF Book

Book Nameअपराधिनी / Apradhini
Category,
Pages 150
Quality Good
Size 3.5 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : अपनी किसी कहानी के लिए कोई वक्तव्य या उपन्यास के लिए किसी प्रकार की भूमिका लिखने मे मेरी लेखनी सदैव विद्रोह करती रही है। वर्जीनिया वुल्फ़ की इन पंक्तियों का मुझे अनायास ही स्मरण हो आता है, किसी पुस्तक की भूमिका, मुझे गत्ते के उस टुकड़े सी ही लगती है……….

Pustak Ka Vivaran : Apani kisi kahaani ke liye koei vaktavy ya upanyaas ke liye kisi prakaar kee bhoomika likhane me meree lekhani sadaiv vidroh karati rahee hai. varjeeniya vulf ki in panktiyon ka mujhe anaayaas hee smaran ho aata hai, kisee pustak kee bhoomika, mujhe gatte ke us tukade see hee lagatee hai………….

Description about eBook : My writing always revolted in writing a statement for any story or some kind of role for the novel. These lines of Virginia Wolf come to me unintentionally, the role of a book, I find that piece of cardboard…………..

“तर्क आपको इस स्थान से उस स्थान तक ले जा सकता है। लेकिन कल्पनाशीलता आपको हर कहीं ले जा सकती है।” अल्बर्ट आइन्सटीन
“Logic will get you from A to B. Imagination will take you everywhere.” Albert Einstein

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment