अधिक प्राप्त करने की प्रक्रिया : यश माकड़ द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | Adhik Prapt Karane Ki Prakriya : by Yash Maker Hindi Audiobook

AudioBook Nameअधिक प्राप्त करने की प्रक्रिया / Adhik Prapt Karane Ki Prakriya
Author
Category,
Language
Duration4:55 hrs
SourceYoutube

Adhik Prapt Karane Ki Prakriya Hindi Audiobook का संक्षिप्त विवरण : लेखक का कहना है कि, आखिर कब तक हम इसी तरह, बाइक पर दो कि जगह, अन्य दो और सवारियों को एडजेस्ट करते रहेंगे? कब तक हम अपने बच्चों द्वारा मांगी गई चीजें, अगली तनख्वाह तक, अगले महीने तक, अगले साल तक, अगले सीजन तक, अगली सेल तक, अगली सर्दियों तक व अगली गर्मियों तक टालते रहेंगे। कब तक हम अपने सपनों को, इसी तरह किसी अगले एक और दिन के लिए टालते रहेंगे? क्यों हम अपने व अपने परिवार के सपनों का, गला घोंटना बंद नहीं कर सकते? आखिर हमारी वह कौन सी मजबूरी है, जिसके चलते हम वह नहीं कर पा रहे है, जो हम करना चाहते है? और हम क्यों वह हासिल नहीं कर पा रहे है, जो हमें हासिल करना है। यह टालमटोल कि आदत, हमारे द्वारा जाने अनजाने में सीखी गई, मात्र एक आदत है। क्योंकि, हमारे वर्तमान विचार, मस्तिष्क द्वारा जानें-अनजाने में, ग्रहण की गई सूचनाओं का ही परिणाम होते है। ये सूचनाएं, हम अपने परिवार, स्कूल, दोस्तों, रिश्तेदारों, टीवी, फिल्मों, पुस्तकों, सोशल मीडिया, और अन्य बहुत से स्रोतों के माध्यम से, लगातार ग्रहण करते रहते है। जिनमें हमारे द्वारा सीखी गई, दो प्रमुख योग्यताएं, शाब्दिक और गणितीय योग्यताएं भी शामिल है। जिन्हें सीखने का, सबसे बड़ा प्रारंभिक स्रोत, हमारे स्कूल होते है। जहाँ पर हम, अपने जीवन का, ज्यादातर अनमोल हिस्सा, इन्हीं दो दक्षताओं को सीखने में बिताते है।

हालाँकि इन दो स्कूली विधाओं को सीखना, हमारे लिए आवश्यक होता है। परन्तु स्कूली शिक्षा के साथ एक दिक्कत है कि, हम जो भी पढ़ते है, वही बन जाते है, चाहे हम उसे पसंद करते हों या न करते हों। अपने मनचाहे काम करने और अपनी चाहतों के हिसाब से जीने के लिए, असल जीवन में हमें, और ज्यादा सीखने कि आवश्यकता है। लेकिन जब तक हमें इस कमी का एहसास होता है, तब तक हमारे पास, जीवन में करने के लिए, और बहुत सारे कामों कि सूची आ जाती है। जिस वजह से, समय कि कमी और वर्तमान जिम्मेदारियों के बोझ के कारण, हम जैसा चल रहा है, वैसा ही चलने देते है।

यह पुस्तक बताती है कि, सच्चे बिजनेस मालिक, स्कूलों द्वारा नहीं बनते हैं – वे उस ज्ञान, कौशल और अनुभव से बनते हैं, जिसकी उन्हें सफल होने के लिए, वास्तव में आवश्यकता होती है लेखक ने इस पुस्तक में, उन सभी सिद्धांतों के बारे में विस्तार से लिखा है, जिनसे ज्यादातर बिज़नस प्रोफेशनल, जीवन भर सटीक प्रक्रिया खोजकर, उसके प्रयोग में महारत हासिल करते हैं, और अपने सपनों को साकार करते है इसी तरह हमें भी, अपने सपनों को साकार करने, और जीवन के लक्ष्यों में सफलता पाने के लिए, कुछ और दक्षतायें व कौशल सीखने कि आवश्यकता होती है। इसलिए हमारे लिए यह जानना बेहद आवश्यक हो जाता है, कि हमें जानबूझकर वे कौन से काम शुरू करने है, और किन कामों को तुरंत बंद करना है? हमें अपनी वर्तमान आदतों में, क्या-क्या बदलाव करने कि आवश्यकता है ? हम अपनी वर्तमान आदतों कि वजह से, जो बन सकते थे, वह बन चुके है, जो हासिल कर सकते थे, वह कर चुके है, जहाँ तक पहुँच सकते थे, हम वहां पर पहुँच चुके है। अगर हमें लगता है, कि हमें इससे कुछ अलग करना चाहिए, और वर्तमान से ज्यादा प्राप्त करना है, तब हमें अपनी आदतों, सोच और कामों में बदलाव करना बेहद आवश्यक हो जाता है। जिसकी शुरुआत अभी से करनी पड़ेगी।

मुझे यह पक्का यकीन है, कि इस पुस्तक के माध्यम से आप, यह सब जान पाएंगे, कि वह कौन सी विश्वसनीय प्रक्रिया है, जिसके बार-बार प्रयोग से आप, अपने लिए असीमित समय और दौलत का निर्माण कर सकते है। ताकि आपके द्वारा इच्छित लक्ष्य, सटीकता से प्राप्त हो सकें। जिससे आप समाज, देश और पूरे संसार में अपना सार्थक योगदान दे सकें। और इस सार्थक योगदान के बदले में, आप खुद को व अपने परिवार को अनचाहा जीवन जीने कि बजाए, मनचाहा जीवन जीने कि स्वतंत्रता प्रदान कर सकें।

“आपका कोई भी काम महत्त्वहीन हो सकता है, किंतु महत्त्वपूर्ण तो यह है कि आप कुछ करें।” ‐ महात्मा गांधी
“Almost everything you do will seem insignificant, but it is important that you do it.” ‐ Mahatma Gandhi

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