ईगो इस द एनिमी : रयान हॉलिडे द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | Ego Is the Enemy : by Ryan Holiday Hindi Audiobook

ईगो इस द एनिमी : रयान हॉलिडे द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | Ego Is the Enemy : by Ryan Holiday Hindi Audiobook
पुस्तक का विवरण / Book Details
AudioBook Name ईगो इस द एनिमी / Ego Is the Enemy
Author
Category, ,
Language
Duration 24:54 Min
Source Youtube

Ego Is the Enemy Hindi Audiobook का संक्षिप्त विवरण : जब आप अपने अंदर के दुश्मन से जीत जाते हैं। तो बाहर का दुश्मन, आपका कुछ भी नुकसान नहीं कर सकता। अंदर के दुश्मन बहुत सारे होते हैं। जैसे कि आलस्य, गुस्सा और घमंड। इस किताब में एक खास तरह के दुश्मन की बात की गई है। जिसका नाम है- Ego। यह हमारे चरित्र का वह हिस्सा है, जो हमारे बारे में हमेशा अच्छा सोचता है। अपने बारे में अच्छा सोचना कोई गलत बात नहीं है। लेकिन जब आप अपनी कमियों को अनदेखा करके अपने गलत कामों को भी अच्छी नजर से देखने लगते हैं। तो यह नुकसानदायक हो सकता है। इस किताब में बताया गया है कि Ego वास्तविकता में होता क्या है। किस तरह से हम इसे काबू कर सकते हैं। इसे काबू न करने के क्या नुकसान हो सकते हैं।

इसी Ego के विषय में, लेखक Ryan Holiday ने अपनी पुस्तक Ego is the Enemy में विस्तार से बताया है। उनका मानना है कि हर किसी के जीवन में तीन चरण होते हैं। पहला- Aspire, दूसरा- Success और तीसरा- Failure। हमारा ego इन्ही तीन phases में हमारे पास आता है हमें बर्बाद करने के लिए। इस पुस्तक में यही बताया गया है कि कैसे हमारा Ego इन तीन चरण में हमारे पास आता है। कैसे हम इनसे बचकर, अपने जीवन को अच्छे से चला सकते हैं।

वर्ष 374 ईसा पूर्व के आसपास, एथेंस के सबसे प्रसिद्ध शिक्षकों और बयानबाजी करने वालों में से एक, इसोक्रेट्स ने डेमोनिकस नाम के एक युवक को एक पत्र लिखा था। इसोक्रेट्स लड़के के हाल ही में मृत पिता के मित्र रहे थे और उसे कुछ सलाह देना चाहते थे कि अपने पिता के उदाहरण का पालन कैसे करें। सलाह व्यावहारिक से लेकर नैतिक तक थी – सभी में संचार किया गया था जिसे इसोक्रेट्स ने “महान सिद्धांतों” के रूप में वर्णित किया था। वे थे, जैसा कि उन्होंने कहा, “आने वाले वर्षों के लिए उपदेश।” हम में से कई लोगों की तरह, डेमोनिकस महत्वाकांक्षी था, यही वजह है कि इसोक्रेट्स ने उसे लिखा, क्योंकि महत्वाकांक्षा का मार्ग खतरनाक हो सकता है।

“खेलों के बारे में अकसर ऐसे कहा जाता है मानो यह गंभीर शिक्षा से राहत हो। लेकिन बच्चों के लिए खेल गंभीर शिक्षा ही है। खेल ही वास्तव में बचपन का काम है।” ‐ फ्रेड रोजर्स
“Play is often talked about as if it were a relief from serious learning. But for children play is serious learning. Play is really the work of childhood.” ‐ Fred Rogers

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