द वन थिंग : गैरी केलर द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | The One Thing : by Gary Keller Hindi Audiobook

द वन थिंग : गैरी केलर द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | The One Thing : by Gary Keller Hindi Audiobook
पुस्तक का विवरण / Book Details
AudioBook Name द वन थिंग / The One Thing
Author
Category,
Language
Duration 29:34 mins
Source Youtube

The One Thing Hindi Audiobook का संक्षिप्त विवरण : यदि हर व्यक्ति के पास दिन में काम करने के लिए बराबर समय है, तो फिर कोई व्यक्ति सफल और कोई असफल क्यों होता है? वे अन्य लोगों की तुलना में ज़्यादा काम करते हैं, ज़्यादा प्राप्त करते हैं, उन्हें अन्य लोगों की तुलना में अधिक सफलता मिलती है, लाभ मिलता है। यदि समय उपलब्धि की मुद्रा है, तो उतने ही समय को ख़र्च करके कुछ लोग अधिक लाभ कैसे कमा लेते हैं ? उत्तर यही है कि वे काम की गहराई में जाते हैं, जो उनके नज़रिये का मर्म है। वे छोटी-छोटी चीज़ों पर ध्यान केन्द्रित करते हैं। जब आपको सफलता के लिए सटीक मौक़ा पाने की चाहत हो, तो आपका तरीक़ा भी इसी तरह का होना चाहिए। ‘छोटी-छोटी चीज़ुों’ पर ध्यान केन्द्रित करें। “छोटी छोटी चीज़ों’ पर ध्यान केन्द्रित करने का अर्थ है बाक़ी सारी चीज़ें, जिन्हें आप ‘कर सकते हैं, उन पर ध्यान न देते हुए आपको जो करना चाहिए, उसे करें। हरेक बात समान महत्त्व की नहीं होती है और कुछ चीज़ें अन्य चीज़ों से अधिक महत्त्वपूर्ण होती हैं, यह पहचानना ज़रूरी है। आप जो चाहते हैं, उससे आपके कार्य पक्के तरीक़े से जुड़ने आवश्यक हैं। इसका अर्थ इस बात का अहसास होना है कि असाधारण परिणाम सीधे तौर पर इस बात से निर्धारित होते हैं कि आप अपनी एकाग्रता को कितना सूक्ष्म कर पाते हैं।

अपने काम और अपने जीवन से अधिकाधिक प्राप्त करने का तरीक़ा छोटी-छोटी चीज़ों पर जमे रहना ही है। अधिकतर लोग इसका उलट सोचते हैं। उन्हें लगता है कि बड़ी सफलता में अधिक समय लगता ही है और इसका रास्ता जटिल ही होता है। इसके परिणामस्वरूप उनके कैलेंडर और नित्य किए जाने वाले कार्यों की सूची (टू डू लिस्ट) बेहद अतिभारित और अति महत्त्वाकांक्षी होती जाती है। इसके चलते सफलता पहुँच से बाहर की वस्तु जैसी प्रतीत होने लगती है, अतः वे कम में समझौता करने पर राज़ी हो जाते हैं। बड़ी सफलता कुछ चीज़ों पर ठीक से ध्यान केन्द्रित करने से आती है, इस बात से अनजान वे कई सारी चीज़ों को करने पर आमादा हो जाते हैं और अंत में उनके हाथ बहुत थोड़ी सी सफलता आती है। समय के साथ उनकी अपेक्षाएँ घटती जाती हैं, उनके सपने उनसे दूर होते जाते हैं और वे अपने जीवन में छोटे लक्ष्य प्राप्त करने पर समझौता कर लेते हैं।
आपके पास भी तय समय और सीमित ऊर्जा है, अतः जब आप अपने आप को बहुत विस्तार देते हैं, तो हाथ में बहुत कम आ पाता है। आप अपनी छोटी-छोटी उप को वृद्धिलब्धियों होना मानते हैं, मगर ये वास्तव में आपकी उपलब्धियों को घटाती हैं। आपको थोड़ी चीज़ें अधिक प्रभाव के लिए करनी हैं, न कि बहुत सारी चीज़ें कम प्रभाव के लिए। एक साथ बहुत सारे काम करने का तरीक़ा भले ही आपको थोड़ा सा लाभ देता हो, मगर यह आपका काम बढ़ाता है और जीवन को अस्त-व्यस्त कर डालता है। आपकी डेडलाइन्स चूक जाती हैं, परिणाम ख़राब आते हैं, तनाव बढ़ता है, काम के घंटे भी बढ़ जाते हैं, नींद पूरी नहीं होती, भोजन भी अनियमित हो जाता है, व्यायाम नहीं हो पाता और सबसे बड़ी हानि यह होती है कि आप परिवार और मित्रों के लिए समय नहीं निकाल पाते। छोटी-छोटी चीज़ों पर ध्यान केन्द्रित करना असाधारण परिणामों को प्राप्त करने का यथोचित तरीक़ा है, जो वास्तव में काम करता है। यह हमेशा, हर स्थान पर और हर तरह से काम करता है। भला क्यां? क्योंकि इसका एक ही तय उद्देश्य होता है, और वह है आपको अपने गंतव्य बिंदु तक ले जाना। जब आप छोटी सी चीज़ पर ध्यान लगाते हैं, तो आप एक बिंदु पर ही टिके हुए होते हैं और यही मुख्य बिंदु है।

“समस्या से बचने के लिए प्रार्थना न करें। अपनी सहज भावनाओं के लिए भी प्रार्थना न करें। प्रत्येक स्थिति में भगवान की मर्जी का पालन करने के लिए प्रार्थना करें। इससे अलावा किसी अन्य प्रार्थना का कोई मूल्य नहीं है।” ‐ सेम्यूल एम. शूमेकर
“Don’t pray to escape trouble. Don’t pray to be comfortable in your emotions. Pray to do the will of God in every situation. Nothing else is worth praying for.” ‐ Samuel M. Shoemaker

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