द्वापर : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – काव्य | Dwapar : Hindi PDF Book – Poetry (Kavya)

द्वापर : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - काव्य | Dwapar : Hindi PDF Book - Poetry (Kavya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name द्वापर / Dwapar
Author
Category, , , ,
Language
Pages 206
Quality Good
Size 2 MB
Download Status Available

द्वापर पुस्तक का कुछ अंश : इसी घटना के अनन्तर इन्द्र-यज्ञ छोड़ कर गोवर्धन-यज्ञ की कथा जाती है और बलराम का भाषण उसी की भूमिका के रूप में है । इसमें सन्देह नहीं, यज्ञों की तत्कालीन परिपाटी से श्रीकृष्ण सन्तुष्ट नथे। परन्तु पशु बलि के विरोध में ही अन्नकूटीं खड़ा किया गया है या नहीं, यज्ञ विद्वानों के विचार का विषय है। लेखक की भावना स्वतन्त्र हो कर भी निराधार……….

Dwapar PDF Pustak in Hindi Ka Kuch Ansh : Isi Ghatana ke Anantar Indra-Yagy chhod kar Govardhan-Yagy ki katha jati hai Auaur balram ka bhashan usi ki bhoomika ke Roop mein hai . Isamen sandeh nahin, yagyon ki tatkalin paripati se shreekrshn santusht na the. Parantu pashu bali ke virodh mein hi Annakootin khada kiya gaya hai ya nahin, yagy vidvanon ke vichar ka vishay hai. Lekhak ki bhavana svatantra ho kar bhi Niradhar……
Short Passage of Dwapar Hindi PDF Book : After this incident, leaving the Indra-Yajna, the story of Govardhan-Yajna goes and Balaram’s speech as his role. There is no doubt, Shri Krishna was not satisfied with the then tradition of yagyas. But whether or not Annakuti has been raised in protest against animal sacrifice, Yajna is a matter of scholarly thought. The author’s sense of freedom is also unfounded ……….
“यदि आप यह मानते हैं कि आप कर सकते हैं, तो संभवतः आप कर सकते हैं। यदि यह सोचते हैं कि आप नहीं कर सकते, तो आप सुनिश्चित रुप से नहीं कर सकते। विश्वास वह स्विच है जो आपको आगे बढ़ाता है।” ‐ डेनिस वेटले
“If you believe you can, you probably can. If you believe you won’t, you most assuredly won’t. Belief is the ignition switch that gets you off the launching pad.” ‐ Denis Waitley

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